निगमानंद केस की जांच फिर हुई शुरू: शिवानंद
हरिद्वार । गंगा की निर्मलता के लिए आंदोलन करने वाले मातृसदन में सोमवार को दिवंगत संत स्वामी निगमानंद की पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान स्वामी शिवानंद भावुक हो गए और उन्होंने निगमानंद के बलिदान को याद किया।
गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता के लिए स्वामी निगमानंद ने 11 वर्ष पूर्व अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। 11 वर्ष पूर्व से ही मातृ सदन अस्पताल में स्वामी निगमानंद की हत्या का दावा करता आ रहा है। पूर्व के समय में इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कोर्ट में एफआर लगा दी थी। सोमवार को स्वामी शिवानंद ने दावा करते हुए कहा है कि एफआर पर सीबीआई कोर्ट ने असंतोष जताते हुए फिर इस केस में जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
स्वामी निगमानंद की पुण्यतिथि पर मातृ सदन के अध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि 11 वर्ष पूर्व स्वामी निगमानंद की हत्या की गई। तत्कालीन समय में डाक्टरों ने खनन माफिया के दवाब में स्वामी निगमानंद को मृत घोषित कर दिया। स्वामी निगमानंद के बलिदान पर हरिद्वार के प्रबुद्धजनों, साधु संतों, नेताओं ने मातृ सदन में आकर शोक व्यक्त करते हुए घटना में जांच की मांग की थी। समय के साथ इस मामले को दबा दिया गया। बावजूद इसके मातृ सदन स्वामी निगमानंद केस की लड़ाई लड़ता चला आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक बार फिर केस की जांच शुरू हुई है। मामले में सीबीआई ने एफआर लगा दी थी। जिस पर सीबीआई कोर्ट ने असंतोष जताते हुए फिर केस में जांच शुरू करने के आदेश दिए।
