थणता के ग्रामीणों ने किया तहसीलदार का घेराव

विकासनगर। थणता के ग्रामीणों ने माफी की लकड़ी बेचने के आरोप की शिकायत पर एक माह बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर तहसीलदार का घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मी मामले में लीपापोती कर जनप्रतिनिधि को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि एक माह पूर्व उप जिलाधिकारी को तहरीर देकर माफी की लकड़ी बेचने वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। तहसीलदार का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों को पन्नालाल सेटलमेंट के तहत हर साल माफी की लकड़ी मिलती है। 2020 -21 में उन्हें 1 वृक्ष देवदार और 30 फौज प्रकाष्ठ सुकोड के दिये जाने थे। आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि द्वारा उक्त प्रकाष्ठ को बिना ग्रामीणों को बताए ही बेच दिया गया। माफी की लकड़ी का रवन्ना कटवाने वन विभाग कार्यालय पहुंचने पर मामले का खुलासा हुआ। जनप्रतिनिधि से इस मामले में बात की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद सामूहिक रूप से उपजिलाधिकारी के नाम तहरीर सौंप कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन तहरीर देने के एक माह बाद भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचने पर तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मियों के नहीं मिलने पर ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद तहसीलदार के पहुंचने पर उन्होंने उनका घेराव किया और मिली भगत होने का आरोप लगाया। कहा राजस्व कर्मी जनप्रतिनिधि से मिले हुए हैं, जिसके चलते पूरे मामले में लापरवाही बरती जा रही है। तहसीलदार शीशपाल की ओर से दो दिन में मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही ग्रामीण शांत होकर वापस लौटे। घेराव करने वालों में कृपाराम शर्मा, बलिराम शर्मा, आत्माराम, किशन दत्त, मन्नू शर्मा, मोहन दत्त, अरविंद, मुन्ना राम, श्याम दत्त, भोपालू, ग्यारू दास आदि शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *