कुंवर बेचैन के जैसा इस जहां में और न आया कोई
बिजनौर
साहित्यिक संस्थाओं की ओर से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि कुंवर बेचैन के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मेरी कलम और अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के सदस्यों ने कुंवर बेचैन के निधन को साहित्य जगत के लिए एक अपूर्णनीय क्षति बताया।
साहित्यिक संस्था मेरी कलम की ओर से कुंवर बेचैन के निधन पर श्रद्धांजली दी। अध्यक्ष डॉ. मंजू जौहरी मधुर ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कुंवर बेचैन के जैसा इस जहां में और ना आया कोई, लिख के हमने तेरे जैसा गीत ना गाया कोई.., अजय जौहरी ने हर तरफ़ छाया अंधेरा क्या करूं कैसे हो अब दिन सुनहरा क्या करू.., डॉ सतेंद्र गुप्ता ने मिट्टी के हम सब बने हैं यह बात जान ले.., नीरज सिंघल ने आंख सबकी नम है दिल में सबके गम है सुनाकर उन्हें याद किया। सभा में डॉ. बेगराज यादव, सुमन वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, रमा शर्मा, शशिकला राजपूत, फूलमाला, कविता नामदेव, केशव सक्सेना, हरी शुक्ल, कमलेश श्रीवास्तव, अर्चना जोशी, मनोज श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे
उधर अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के संस्थापक-अध्यक्ष प्रदीप डेजी के साथ राजेश मिश्रा राजू, बलबीर सिंह वीर, राजेंद्र त्यागी, शिव कुमार अग्रवाल, जितेंद्र जैन, शिव कुमार माहेश्वरी, निशा अग्रवाल, अजय जौहरी, राजेश गुप्ता, अजय जैन, मंजू जौहरी ‘मधुर’, मनोज त्यागी, प्रमोद शर्मा प्रेम, सत्येंद्र गुप्ता, प्रेम सडाना, प्रेमलता वैश्य, जितेंद्र कक्कड़, कुमुद कुमार, अशोक सविता, बलराम राजवंशी, बेगराज यादव, भागीरथी सिंह, टीकम सिंह,, देवपुत्र गुलफाम,, जयप्रकाश जौली, जसवंत सिंह प्रकाश और शैलेंद्र कबीर ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
