24 घंटें में सात लोगों की मौत से लोगों में दहशत
बिजनौर
कोरोना वायरस के सम्भावित लक्षणों से प्रभावित होकर हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों में नगर, नगर से सटे स्याऊ व अन्य गांवों में तीन महिलाओं सहित सात लोगों की मौत हो गई। इस तरह पिछले एक सप्ताह में मरने वालों का आंकड़ा 53 हो गया है। इनमें कोरोना वायरस से पांच लोगों की मौत हुई है।
कोरोना के खौफ के चलते जहां सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा लगातार पसरा जा रहा है। वहीं बाजार में भी बहुत कम लोग खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। लगातार हुई मौतों से लोगों के दिमाग पर कोरोना का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। मौतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से सभी भयभीत हैं। लोगों को इन दिनों में बुखार आना एक आम बात थी। लेकिन, इतनी संख्या में जानें कभी नहीं जाती थीं और बुखार के बाद सांस लेने में दिक्कत व पेट में दर्द की शिकायत व ऑक्सीजन की कमी के चलते अकाल हो रही मौतों ने सभी को चौंका दिया है। मोहल्ला चिम्मन निवासी गंगाराम भाटिया (70 वर्ष) को बुखार व सांस लेने में आई दिक्कत के चलते मौत हो गई।
मोहल्ला पतियापाड़ा (शांति कुंज) निवासी अशोक भाटिया की सास बीरा देवी उन्हीं के साथ रहती थीं। उन्हें एक दिन पहले बुखार आया था। शुक्रवार दोपहर उनके पेट में दर्द हुआ। पेट दर्द की दवा लेने के कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो गई। उधर, मोहल्ला सरायरफी निवासी समाजसेवी रामचरन भारती (54 वर्ष) की बुखार के चलते मौत हो गई। इससे मोहल्ले में शोक छा गया। क्योंकि मृतक व्यवहार कुशल व मृदुभाषी थे। उधर, गोकुल नगर में भी उमा (47 वर्ष) पत्नी नीरज की बुखार के चलते मौत हो गई। उधर, नगर से सटे ग्राम स्याऊ में सैकड़ों लोगों की हड्डी अपनी पट्टी चढ़ाकर ठीक करने वाले मशहूर सत्तार पहलवान (70 वर्ष) की भी बुखार के चलते अकस्मात मौत हो गई। वहीं ग्राम स्याऊ में सावित्री देवी (50 वर्ष) पत्नी सतेन्द्र की बुखार व सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हो गई। समीपवर्ती ग्राम इस्माईलपुर में बुखार व ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण 27 वर्षीय भूरे की भी दुखद मौत हो गई। इससे गांव में शोक छा गया।
