बीमारी से बचने के लिए कीटाणु मुक्त पानी पियें
रुड़की। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग में संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना और भू अमृत किसान उत्पादक संघ ने विचार गोष्ठी की। वक्ताओं ने किसानों को कृषि मौसम परामर्श सेवाओं के प्रति जागरूक किया। भगवानपुर ब्लॉक के सिकंदरपुर गांव में आयोजित गोष्ठी में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो. आशीष पांडेय ने कहा कि कृषि मौसम परामर्श सेवाएं किसानों को उनके दिन-प्रतिदिन के कृषि कार्य में निर्णय लेने में सहायता प्रदान करती है। प्रो. एमएल कंसल ने किसानों को स्वयं व पशुओं के उपयोग में लाए जाने वाले पेयजल को कीटाणु मुक्त किए जाने के तरीकों के बारे में बताया। भू-अमृत किसान उत्पादक संघ के चेयरमैन रवि किरन सैनी ने किसानों को मौसम सेवाओं से होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में बताया। बरसात का पूर्वानुमान पहले से ही किसानों को मिल जाए तो सिंचाई की बचत करके कम से कम पांच सौ रुपये प्रति एकड़ की बचत की जा सकती है। डॉ. अरविन्द कुमार ने किसानों को कृषि मौसम परामर्श सेवाओं को प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी। मौसम प्रेक्षक रोहित गिरी, फसल परियोजना में कार्यरत सुमित विश्वकर्मा ने किसानों का फीडबैक लिया।
