पेयजल संकट, वनाग्नि व डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने दिया धरना

पिथौरागढ़

जिले में बढ़ते पेयजल संकट, जंगलों में लगी आग व नगर की सडक़ों पर डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने धरना दिया। पूर्व विधायक मयूख महर ने कहा पेयजल मंत्री के गृह जनपद में पानी के लिए हाहाकर है। पेयजल मंत्री खच्चरों से गांवों तक पानी पहुंचाने की बात कह चुके हैं। लेकिन अब भी ग्रामीण गधेरों और प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। जंगलों में लगी आग से लाखों की वन संपदा जलकर खाक हो चुकी है। मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व विधायक महर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और जहां मांगों पर प्रदर्शन कर धरना दिया। यहां हुई सभा में महर ने कहा मौजूदा सरकार सीमांत के लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा बारिश न होने से फसल सूख चुकी है। सीमांत का किसान मायूस है। लेकिन उसे मुआवजा देने की कार्रवाई नहीं की जा रही। पेयजल मंत्री के गृह जनपद में नगर से लेकर गांवों में पेयजल समस्या गंभीर हो गई है। लोगों को पानी के लिए गधेरों व प्राकृतिक जल स्रोतों की शरण लेनी पड़ रही है। हर वर्ष दावानल से निपटने के करोंड़ों की धनराशि विभाग को मिलती है। लेकिन अधिकारी वनों की सुरक्षा करने के बजाय इस बजट को डकार लेते हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा नगर की सडक़ों पर डामरीकरण की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस मामले की पहले ही जांच की मांग की गई थी। लेकिन प्रशासन व लोनिवि लापरवाह रवैया अपनाकर घटिया गुणवत्ता का डामरीकरण करने से बाज नहीं आ रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। चेतावनी देते हुए कहा सीमांत के लोगों को पेयजल, वनों की आग बुझाने के प्रयास के साथ ही डामरीकरण की जांच नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
ये रहे शामिल- कांग्रेस जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह महर, युकां जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर, प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मथुरादत्त जोशी, गौरव महर, रोहित कोहली, राजेश शर्मा, मनोज पाण्डेय, जावेद खान, रजत विश्वकर्मा, भुवन जोशी।

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