नॉन, तंदूरी रोटी पर फिसलने सस्ता मक्खन आपको कर सकता है बीमार

मथुरा।

शासन से मिले निर्देश के बाद राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नकली मक्खन और दूध से संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए अभियान चलाएंगे। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ठेलों और ढाबों पर निरीक्षण किया जाएगा। नान की स्टॉल से लेकर ढाबे की तंदूरी रोट पर फिसलने वाला मक्खन भी जहरीला हो सकता है। देहात में 40 से 42 रूपये लीटर दूध बिक रहा है। जबकि शहर में एक लीटर दूध 60 रूपये में मिल रहा है। आप को यह जानकर ताज्जुब हो सकता है कि  नकली मक्खन की कीमत एक किलो की 100 से 140 रुपये के बीच है। जबकि देहात में एक किलोग्राम देशी घी 850 रूपये तक मिल जाएगा। यही वजह है कि जब हम नान की स्टॉल वाले से या ढाबे वाले से मक्खन मांगते हैं तो वह बिना संकोच चम्मच भर मक्खन दे देता है जबकि प्याज मांगने पर प्याज देने में इतना उत्साह नहीं दिखाता है। हाल ही में मथुरा जनपद में सिंथेटिक दूध बनाने की दो फैक्ट्री पर पुलिस ने कार्रवाही की है। विभाग लगातार दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बरत रहा है। मिठाई की दुकानों से भी नमूने लिए ज रहे हैं। हालांकि कुछ उसे उत्पाद भी हैं जिनकी ओर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का अभी तक ध्यान ही नहीं गया है। उच्च गुणवत्ता वाले मक्खन की कीमत नकली मक्खन के मुकाबले 8-10 गुना ज्यादा होती है। इसी वजह से नकली मक्खन की बिक्री ज्यादा होती है। एक अनुमान के मुताबिक जनपद में रोजाना औसतन 2500 किलो मक्खन की खफत हो जाती है। अमूल का एक किलो का डिब्बा जिसमें 50 पीस होते हैं, उसकी कीमत 470 रुपये है। नकली मक्खन की कीमत एक किलो की 100 से 140 रुपये के बीच है। ट्रांस फूड स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाला हानिकारक पदार्थ है। इसे ट्रांस फैटी एसिड भी कहा जाता है। डब्ल्यूएचओ ने खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट की मात्रा एक फीसद निर्धारित की है।
मक्खन की पहचान के लिए सबसे पहले बर्तन में रखकर उसे गर्म करें। अगर मक्खन असली होगा तो यह पिघल कर गाढ़े भूरे रंग का हो जाएगा। नकली होगा तो उसका रंग हल्का पीला पड़ जाएगा।दूसरा तरीका है थोड़ा सा मक्खन हथेली पर रखें। अगर मक्खन पिघलने लगता है तो इसका मतलब उसमें मिलावट नहीं हुई है।
ढाबे पर जाते ही सबसे पहले रोटी और दाल आर्डर करने वाले लोगों को रोटी के साथ मिलने वाले मक्खन की टिक्की खासा नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए शहर के बाजार में बिक रही मिलावटी मक्खन पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग(एफएसडीए) ने नजर टेढ़ी कर दी है।

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