अयोध्या राम मंदिर निर्माण कार्य में और आएगी तेजी

अयोध्या

रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के दिव्य मंदिर का निर्माण संतोषजनक ढंग से और समयबद्ध ढंग से चल रहा है लेकिन दिसम्बर 2023 तक इस मंदिर में रामलला की प्रतिष्ठा कराने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम की गति को पहले की अपेक्षा गति देनी पड़ेगी। यह निष्कर्ष मंदिर निर्माण समिति की बैठक में प्रगति की समीक्षा के बाद निकला। ऐसी स्थिति में मशीनों के साथ मैनपॉवर भी बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसके लिए कार्यदाई संस्था एलएण्डटी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। राम मंदिर निर्माण समिति की हर माह होने वाली दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू हुई। समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र सुबह करीब पौने दस बजे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई व दर्शन-पूजन करने के बाद निर्माणाधीन कार्य का अवलोकन किया। पुनरू उन्होंने परिसर में स्थित एलएण्डटी कार्यालय में ही निर्धारित समय पर बैठक शुरू की। बैठक में उन्होंने मंदिर के फर्श को 21 फुट ऊंचा उठाने के अलावा रिटेनिंग वॉल के निर्माण के प्रगति की रिपोर्ट ली। इस दौरान उन्होंने कार्यदाई संस्था के अधिकारियों का पक्ष सुना और फिर मानीटरिंग संस्था टीईसी के अधिकारियों की भी राय ली। मंदिर निर्माण समिति की पूरे दिन चली बैठक रामजन्मभूमि परिसर में होने के कारण अधिकृत ब्योरा नहीं मिल पाया। बताया गया कि दूसरे दिन की बैठक सर्किट हाउस में प्रस्तावित है। इस बैठक के बाद अधिकृत जानकारी दी जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया कि सरकारी दस्तावेजों में एक जून के बाद मानसून का आगमन हो जाता है। ऐसी स्थिति में मई के अंत तक मंदिर के फर्श के साथ रिटेनिंग वॉल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जो भी उपाय करने की जरूरत है, उसे अपनाने की अनुमति कार्यदाई संस्था को प्रदान कर दी गई है। फर्श निर्माण में ग्रेनाइट की सेटिंग के लिए क्रेन टावरों की संख्या दो से बढ़ाकर चार कर दी गई है। जिससे एक दिन में 80 से 100 पत्थरों को रखवाया जा सकेगा। अभी एक दिन में अधिकतम दस से 15 पत्थरों की सेटिंग ही हो रही है।

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