शहर वासियों की मूलभूत समस्याओं को लेकर शहर कांग्रेस की दक्षिण इकाई ने दिया धरना 

कानपुर।

स्मार्ट सिटी बनाए जाने की हवा-हवाई घोषणा के कई साल बीत जाने के बाद भी आज कानपुर नरक सिटी बन गया है। शहर वासियों को मूलभूत समस्याओं के अभाव में संघर्ष करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव है। करोड़ों खर्च के बाद भी सीवर और नालिया साफ नहीं हो पाई है। शहर दक्षिण कांग्रेस के अध्यक्ष शैलेंद्र दीक्षित ने आरोप लगाया कि जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं जैसे सीवर,नाली,पीने का पानी आदि के लिए परेशान है। इसी के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं ने समस्याओं के विरोध में रविवार को जूही कुएँ वाले चौराहे पर सरकार के विरोध में एक धरने का आयोजन किया। क्षेत्र की समस्याओं से जल्दी निजात दिलाने की मांग की।
वाटर सप्लाई में लीकेज से आता है सीवर का पानी
शैलेन्द्र दीक्षित ने बताया कि क्षेत्र की कॉलोनियों में लगभग 50 साल पुरानी सीवर लाइन पड़ी हुई है जो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जिससे सीवर का गंदा पानी नालियों के माध्यम से गंदा पानी लोगों के घरों में भर जाता है। पीने के पानी की पाइप लाइन भी जर्जर हो चुकी है और कई जगह से लीकेज के कारण नाली का पानी घरों की टोटियों से आता है। जिसकी शिकायत कई बार जल निगम से की जा चुकी है लेकिन इस तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं जाता।
नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ  कागजी खानापूर्ति 

उन्होंने आरोप लगाया कि घरों के सामने बहने वाले नालों की सफाई के नाम पर नगर निगम सिर्फ कागजी खानापूर्ति करता है। दिखावे के लिए बरसात के समय नालों की सफाई करवाई जाती है। नालों की सिल्ट बारिश के पानी के साथ वापस नाले में चली जाती है। बिजली विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली कटौती कर दी जाती है।

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