मेडिकल कालेज से लेकर ब्लॉक तक बच्चो के लिए बेड आरक्षित
गोरखपुर
डब्लूएचओ द्वारा तीसरी लहर में बच्चों पर कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) को बच्चों के कोविड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 03 मिनी पीकू, 01 पीकू और कुछ ब्लाकों में 02-02आक्सीजन बेड की व्यवस्था है।असल में इन्हें इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण के लिए की तैयार की गई थी। फिलहाल मिनी पीकू में 10-10 बेड का प्रावधान बना था लेकिन गोरखपुर के तीनों पीकू में 20-20 बेड उपलब्ध हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में एक पीकू स्थापित है जिसमें 50 बेड बच्चों के लिए हैं।अब इन सभी बेड का इस्तेमाल कोरोना से पीड़ित बच्चों के लिए होगा। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कालेज में 200 से अधिक बेड बच्चों के लिए उपलब्ध हैं जिनका कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। डीएम के विजयेंद्र पांडियन कहते हैं कि कोरोना संक्रमित बच्चों और महिलाओं के लिए डेडिकेटेड बेड का इंतजाम किया जा रहा है। यह इंतजाम ब्लाक स्तर पर भी किया जाएगा।प्रशासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 50-50 बेड का आक्सीजनयुक्त कोविड अस्पताल शुरू कर रहा है। यहां 50 बेड में से 10-10 बेड महिलाओं एवं बच्चों के लिए आरक्षित होंगे। इन बेडों पर महिलाओं व बच्चों का ही इलाज होगा।
