दो माह में 100 मौतें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नही
गोरखपुर
कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो रहे हैं लेकिन जिले के सरदार नगर ब्लॉक के गौनर गांव में पॉजिटव केस और मरने वालों का आंकड़ा चैंकाने वाला है। यहां दो महीने में हुई 100 मौतों से लोग दहशत में हैं। सबसे बड़ी ताज्जुब की बात है कि 15 हजार की आबादी वाले इस गांव में कोई भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है वहीं ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दो महीने में 100 के करीब मौतें हुई हैं, पर मौत किस वजह से हुई ये पता नहीं। लगातार हो रही मौतों के बाद जब इसकी जानकारी जिला प्रशासन को हुई तो सीडीओ इन्द्रजीत सिंह और क्षेत्रीय विधायक संगीता यादव ने गांव की यथा स्थिति जानने पहुंचे।गांव में ही कोरोना जांच की सुविधा दी गयी। आशा वर्कर का कहना था कि गांव के लोग जांच ही नहीं करा रहे थे, वो जांच कराने के नाम पर भाग रहे थे।मौतों से ग्रामीणों में दहशत छाया हुआ है। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने गांव में दवा की किट का वितरण कराया।पूरे गांव को सेनेटाइज किया गया।सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया,साथ ही जो लोग संदिग्ध थे उन्हें आइसोलेट किया गया।सीएचसी प्रभारी की विशेष ड्यूटी लगाई से गयी।वहीं, गोरखपुर के कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने भी गांव में चैपाल लगाकर ग्रामीणों से बात की।उन्होंने कहा कि जिनको भी लक्षण हैं वे सामने आएं कोरोना पॉजिटिव होना समस्या नहीं है। होम आइसोलेशन में 95 प्रतिशत लोग ठीक हो रहे हैं।जबकि 5 प्रतिशत लोगों को ही हॉस्पिटल में भर्ती कराने की स्थित आ रही है। अन्य जगहों पर यह प्रतिशत दर और कम है।इसलिए पॉजिटिव होने के या लक्षण दिखने पर हम निगरानी समिति या अन्य टीम के माध्यम से दवा देंगे।प्रशासनिक सक्रियता के बाद सीडीओ इन्द्रजीत सिंह का दावा है कि गांव में अब संदिग्ध मौतें नहीं हो रही हैं।ग्रामीण भी जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं,साथ ही कहा कि गांव की आबादी बड़ी है और अब ये सर्वेक्षण कराया जायेगा कि पिछले दो महीने में कितनी मौतें हुई हैं और उनका क्या कारण रहा है।
