आरटीई आवेदन पत्रों के सत्यापन में अनियमितता का लगाया आरोप
विकासनगर
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2021-22 के लिए जमा किए आवेदन पत्रों के सत्यापन अनियमितता का आरोप अभिभावकों ने लगाते हुए इसकी शिकायत उप शिक्षा अधिकारी से की है। अभिभावकों का कहना है उनके नौनिहालों के आवेदन पत्रों के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए हैं। बावजूद इसके आवेदनों को लॉटरी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निरस्त कर दिया गया है। मंगलवार को उप शिक्षाधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपते हुए अभिभावकों ने बताया कि आवेदन पत्र जमा करने के दौरान उन्होंने सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराया था। सत्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों ने उनके आवेदन स्वीकार करते हुए उन्हें एक स्लिप दी। लेकिन आवेदन पत्रों को ऑनलाइन अपलोड करने के दौरान उसमें संबंधित कर्मचारियों की ओर से अनियमितता की गई है, जिससे उनके बच्चों के आवेदन पत्र लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने से पहले की निरस्त कर दिए गए हैं। बताया इसकी जानकारी तब मिली जब कुछ अभिभावकों ने शिक्षा विभाग की संबंधित वेबसाइट पर अपने बच्चों के आवेदन पत्रों की स्थिति जाननी चाही। जहां उन्हें आवेदन पत्र निरस्त होने सूचना अंकित मिली। बताया कि सभी आवेदनों को शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ओर से सत्यापित किया गया था। सत्यापन के दौरान सभी दस्तावेजों को सही बताया गया। बावजूद इसके ऑनलाइन प्रक्रिया दौरान अनियमितता बरती गई, जिससे उनके बच्चों के आवेदन लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने से पहले ही निरस्त कर दिए गए हैं। अभिभावकों ने सभी आवेदन पत्रों को लॉटरी प्रक्रिया में शामिल करने और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग उप शिक्षाधिकारी से की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जाबिर मलिक, मुरसलीन, आलम, मोहसीन, मंगला, अशरफ, राजू आदि शामिल रहे।
गत वर्ष अल्पसंख्यक आयोग में गया था मामला
आरटीई के तहत आवेदन पत्रों के सत्यापन के दौरान अनियमितता का मामला पिछले साल भी सामने आया था। जब कुछ नामी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए बच्चों के आवासीय पते को बदल दिया गया था। जिसके चलते कई पात्र नौनिहाल प्रवेश से वंचित रह गए थे। अभिभावकों की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कुछ अभिभावकों ने इसकी शिकायत अल्पसंख्यक आयोग में की थी, जहां अभी भी इस मामले में जांच जारी है।
