रिजॉर्ट्स माफियाओं पर कठोर कार्यवाही की मांग
देहरादून। उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच व संयुक्त नागरिक संगठन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद भी रिजोर्टों में चल रही अवैध गतिविधियों की रोकथाम न होने पर चिंता जताई है। यहां जारी साझा बयान में उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती और संयुक्त नागरिक मंच के सचिव सुशील त्यागी ने कहा कि सहसपुर के एक रिजोर्ट में जिस तरह से जिस्मफरोशी की घटना सामने आई है वह शर्मनाक है। इससे यह पता चलता कि रिजोर्टों में गलत कार्यों को बदस्तूर बढ़ावा मिल रहा है। पुलिस प्रशासन की इन रिजोर्ट की गतिविधियों पर कोई रोकथाम नहीं है। हाल के समय में ऋषिकेश क्षेत्र में अंकिता भंडारी की हत्या काण्ड के बाद भी असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है। पुलिस प्रशासन को गहराई से अब रिजॉर्टस में हो रहे जिस्मफरोशी के धंधे पर रोक लगाने के लिए बारीकी से कार्य करना होगा। क्योंकि जिस प्रकार सहसपुर क्षेत्र के एक रिजोर्ट में पकड़ी गई 14 लड़कियों को देह व्यापार के लिए लाए जाने की बात सामने आई है। वह दुखद भी और शर्मनाक भी है। इस कुसंस्कृति पर यदि राज्य में पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई तो इससे भविष्य में देवभूमि की गरिमा को गहरी ठेस लगेगी। लिहाजा उत्तराखंड सरकार से मांग है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अभियान पर पलीता लगाने वाले रिजॉर्ट्स माफियाओं पर कठोर कार्यवाही तत्काल की जाए।
