जैविक खेती समय की जरूरत
रुड़की

गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम के अन्तर्गत गन्ना विकास परिषद लिब्बरहेडी के गांव अकबरपुर ढाडेकी में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गन्ना विकास परिषद लिब्बरहेडी के एससीडीआई बीके चौधरी ने किया। उन्होंने बताया कि किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती करने की जरूरत है। जैविक खेती समय की जरूरत है। जैविक खेती के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है, विभाग द्वारा बसंतकालीन गन्ना की बुवाई की तैयारियां की जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी प्रभारी डॉ. पुरुषोत्तम सिंह ने गन्ने में लगने वाले रोगों की रोकथाम एवं कीट प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। गन्ना विकास निरीक्षक किरण पाल सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान विजय कुमार शर्मा, मनोज कुमार, दीपक कुमार, रियाजुल, मुस्तफा, सुलेमान, शमशाद, इसरार, देवल, मोमिन, जुल्फिकार, बिजेंदर, असलम, मेहताब, मुराद अली, वसीम, विनोद, मेहरबान, नफीस, गुलजार, सनी, खलील, कल्लू, सुधीर, वीर सिंह, सैयद, मुनेश आदि मौजूद रहे।
