निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाए प्रशासन: संजय वालिया
सहारनपुर
अंगे्रजी माध्यम के स्कूलों द्वारा कोविड-19 के दौर में अभिभावकों से जबरन फीस वसूली को लेकर आज अभिभावक संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मण्डलायुक्त से उनके कार्यालय में मिला और निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
समिति अध्यक्ष संजय वालिया व संयोजक फरहाद गाडा ने कमिश्नर को सौपे ज्ञापन में बताया कि 23 मार्च 2020 के बाद पूरे देश में लाॅक डाऊन लगने के बाद स्कूल कॉलेज के मैनेजमेंट ने ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर मनमाने तरीके से फीस वसूलने का काम किया और इस अवधि का वेतन भी अध्यापकों को नहीं दिया गया, और अभिभावकों से पूरी फीस वसूली गयी।
आशा मार्डन स्कूल सहित विभिन्न अंग्रेजी माध्यम स्कूल अभिभावकों की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं, बच्चों के अभिभावकों पर दबाव बनाकर फीस वसूलने का काम किया जा है, जबकि कोविड-19 के चलते रोजगार खत्म हो गये हैं और अभिभावक परिवार चलाने में भी असमर्थ हैं।
अभिभावक संघ ने सभी स्कूलों से 3 माह की फीस छोड़ने के लिए काफी लंबा आंदोलन किया प्रशासन को बार-बार गुहार लगाई लेकिन उसको रोक के कान पर जूं नहीं रेंगी जो अभिभावक फीस माफ करने के लिए आवाज उठाते हैं अभिभावक उनके साथ दुव्र्यवहार करते हैं अब दौर दोबारा करो ना महामारी बढ़ चली है।
अभिभावक संघ ने मांग की है कि जांच समिति बैठाकर इन स्कूलों की हिटलरशाही पर रोक लगाई जाये तथा फीस माफ करायी जाये। प्रतिनिधिमंडल में दिलशाद अहमद, राजू सुखीजा आदि मौजूद रहे।
