चंद्रबाबू के कार्यकाल में आंध्र ने खरीदा था पेगासस, वाइएसआर कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग

नई दिल्ली

जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का मुद्दा अब केंद्र की सीमा से आगे बढ़ते हुए राज्य सरकारों तक जा पहुंचा है। इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस ने एक-दूसरे पर हमला बोला हैं। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जासूसी साफ्टवेयर पेगासस इजराइल की कंपनी से खरीदा था और उसकी मदद से कई विपक्षी नेताओं की जासूसी कराई थी।
दरअसल पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया था कि चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार ने यह स्पाईवेयर खरीदा था। नायडू साल 2014 से 2019 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। वाइएसआरसीपी के प्रवक्ता और विधायक गुडिवाड़ा अमरनाथ ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने अपने कार्यकाल के दौरान पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया था। उन्होंने इन आरोपों को लेकर केंद्र सरकार से जांच की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू के सीएम रहते वाई एस आर कांग्रेस से जुड़े कॉल्स और डेटा के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। अमरनाथ ने कहा अगर चंद्रबाबू नायडू ने स्पाइवेयर खरीदा है, तो केंद्र और राज्य सरकारों को जांच करनी चाहिए कि क्या सॉफ्टवेयर राजनेताओं या उद्योगपतियों के लिए खरीदा गया था। यह कोई मामूली बात नहीं है, हम इस मामले की पूरी जांच की मांग करते हैं। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। लोगों की बातचीत को सुनना और उन पर नजर रखना अक्षम्य अपराध है।
बता दें कि बंगाल की मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में खुलासा किया था कि उनकी सरकार को पेगासस स्पाईवेयर की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था क्योंकि इससे लोगों की निजता प्रभावित होती। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार ने यह स्पाईवेयर खरीदा था। तेलुगू देशम पार्टी ने इस दावे का खंडन किया और कहा कि चंद्रबाबू नायडू सरकार ने ऐसी कोई खरीद नहीं की थी। तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव एन लोकेश ने कहा कि पेगासस ने आंध्र प्रदेश सरकार को भी अपना साफ्टवेयर बेचने का प्रस्ताव किया था, जिसे हमले खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा हमने कभी भी कोई स्पाईवेयर नहीं खरीदा। हम कभी भी किसी भी अवैध फोन टेपिंग मामले में शामिल नहीं रहे।

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