कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं – संजय राउत
नई दिल्ली
जब से कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनके दर्द पर केंद्रित फिल्म द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई है, तब से पूरे देश में इसे लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ फिल्म का भारी समर्थन किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इस फिल्म का भारी विरोध भी किया जा रहा है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कश्मीर को ऐसी किसी भी स्थिति से अलग रखा जाना चाहिए। संजय राउत ने कहा कश्मीर फाइल्स सिर्फ एक फिल्म है। मुझे नहीं लगता कि इससे किसी भी पार्टी को आने वाले चुनावों में किसी तरह का फायदा मिलेगा। संजय राउत ने कहा जब तक चुनाव आएंगे तब तक फिल्म भी चली जाएगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर एक संवेदनशील मुद्दा है इसलिए इस पर राजनीति करना सही नहीं है।
गौरतलब है कि फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर सभी दलों के नेता विवाद में कूद पड़े हैं। एक तरफ भाजपा इस फिल्म का आक्रामक प्रचार कर रही है तो दूसरी ओर अन्य दलों के अल्पसंख्यक नेता इस फिल्म का सीधा विरोध कर रहे हैं। सबसे पहले केरल कांग्रेस ने ट्वीट कर इस फिल्म के बारे में तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और कहा था कि यह फिल्म नफरत फैलाने वाली है। हालांकि बाद में ट्वीट को हटा लिया गया।
दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी ने खुले मंच से इस फिल्म की तारीफ की और कहा इस तरह के सच को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सच को छुपाने में यकीन रखते हैं। इसलिए इस तरह की फिल्म बनती रहनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। दूसरी ओर देश के कई अल्पसंख्यक नेता इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। असम में एआईयूडीएफ के नेता बदरूद्दीन अजमल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस फिल्म को बैन कर देना चाहिए क्योंकि इससे नफरत फैलेगी।
उन्होंने कहा देश में कई ऐसी घटनाएं हैं, जिनपर फिल्में नहीं बनी है। इस विवाद में मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ आईएस अधिकारी भी कूद पड़े हैं। एमपी के आईएएस अधिकारी नियाज खान ने ट्वीट कर लिखा है कि इस फिल्म के प्रोड्यूसर को देश में हुई मुसलमानों की हत्याओं पर भी एक फिल्म बनानी चाहिए
