आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ जांच पूरी,रिपोर्ट तैयार,शासन लेगा फैसला
कानपुर।
कानपुर में अपनी तैनाती के दौरान सरकारी बंगले में धर्मांतरण और कट्टरता की पाठशाला चलाने वाले सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। एसआईटी ने 207 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें आईएएस के 65 वीडियो और 3 किताबों के आपत्तिजनक कंटेट को शामिल किया गया है। रिपोर्ट का एसआईटी की टीम ने रिव्यू भी पूरा कर लिया है। जल्द ही एसआईटी शासन को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
जांच रिपोर्ट में एसआईटी ने आईएएस को माना दोषी
राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के एमडी और सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के करीब एक माह पहले वीडियो वायरल हुए थे। इसमें वह कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान कमिश्नर कैंप ऑफिस में धार्मिक कट्टरता की पाठशाला चलाते हुए दिख रहे थे। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आईएएस पर जांच के लिए डीजी-सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अध्यक्षता वाली एसआईटी गठित की थी।
राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के एमडी और सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के करीब एक माह पहले वीडियो वायरल हुए थे। इसमें वह कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान कमिश्नर कैंप ऑफिस में धार्मिक कट्टरता की पाठशाला चलाते हुए दिख रहे थे। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आईएएस पर जांच के लिए डीजी-सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अध्यक्षता वाली एसआईटी गठित की थी।
जांच में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने से लेकर 65 वीडियो और इफ्तिखारुद्दीन की लिखी ”शुद्ध उपासना तथा नमन”, ”शुद्ध भक्ति” और ”शुद्ध धर्म” नाम की 3 किताबें सामने आई। इन किताब और वीडियो की जांच की तो सामने आया कि किताब में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने से लेकर हिंदू धर्म को लेकर जहर उगला गया है। एसआईटी की टीम ने सभी वीडियो और किताबों की जांच करके आपत्तिजनक कंटेट की 207 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार कर ली है।
एक धर्म की भावनाओं के खिलाफ उगला जहर
एक धर्म की भावनाओं के खिलाफ उगला जहर
जांच रिपोर्ट का एसआईटी के अध्यक्ष जीएल मीणा और एसआईटी के सदस्य एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर ने रिव्यू भी कर लिया है। जांच में शामिल एक वरिष्ठ अफसर के मुताबिक इफ्तिखारुद्दीन को जांच रिपोर्ट में दोषी पाया गया है। उन्होंने सरकारी आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही किताब में एक धर्म की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। जल्द ही शासन को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
सीवान के प्रिंटिंग प्रेस में छपी थी धार्मिक किताबें
सीनियर आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने तीन किताबें छपवाईं और उसे लोगों में बंटवाया था। तीनों किताबों में कई जगहों पर आपत्तिजनक कंटेंट लिखा गया है, जिसे एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि किसी पब्लिशर ने इन तीनों किताबों को नहीं छापा तो वरिष्ठ आईएएस ने सीवान की एक निजी प्रिंटिंग प्रेस का इस्तेमाल कर इन तीन किताबों को छपवाया। इसकी जानकारी खुद आईएएस ने एसआईटी को दी।
विवादित कंटेंट देख पब्लिशर्स पीछे हटे
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक अधिकारी से सवाल जवाब में यह भी पता चला कि कुछ पब्लिशर ने कंटेंट देखकर छापने से मना कर दिया था। एक-दो तैयार भी हुए तो अधिकारी ने शपथपत्र देने से मना कर दिया। उसके बाद उन्होंने निजी तौर पर एक प्रिंटिंग प्रेस का इस्तेमाल कर किताबों को छपवाया और लोगों में बंटवाया था।
सीवान के प्रिंटिंग प्रेस में छपी थी धार्मिक किताबें
सीनियर आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने तीन किताबें छपवाईं और उसे लोगों में बंटवाया था। तीनों किताबों में कई जगहों पर आपत्तिजनक कंटेंट लिखा गया है, जिसे एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि किसी पब्लिशर ने इन तीनों किताबों को नहीं छापा तो वरिष्ठ आईएएस ने सीवान की एक निजी प्रिंटिंग प्रेस का इस्तेमाल कर इन तीन किताबों को छपवाया। इसकी जानकारी खुद आईएएस ने एसआईटी को दी।
विवादित कंटेंट देख पब्लिशर्स पीछे हटे
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक अधिकारी से सवाल जवाब में यह भी पता चला कि कुछ पब्लिशर ने कंटेंट देखकर छापने से मना कर दिया था। एक-दो तैयार भी हुए तो अधिकारी ने शपथपत्र देने से मना कर दिया। उसके बाद उन्होंने निजी तौर पर एक प्रिंटिंग प्रेस का इस्तेमाल कर किताबों को छपवाया और लोगों में बंटवाया था।
