आयुध फैक्ट्रियां निगम के हवाले,काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा यह दिन
कानपुर।
आयुध फैक्ट्रियों के निगमीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने लंच प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया। अर्मापुर स्थित स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री के बाहर कर्मचारियों ने दोपहर में लंच न कर टिफिन हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्चा के तहत शुरू हुए प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार प्राइवेट कर सबकुछ बेचना चाहती है। कर्मचारियों ने काले झंडे और काले कपड़े पहनकर विरोध-प्रदर्शन किया।
फैक्ट्रियों के बाहर बदले नाम
1 अक्टूबर से आयुध फैक्ट्रियों का निगमीकरण अस्तित्व में आ गया है। पूरे देश में मौजूद 39 आयुध फैक्ट्रियों को मिलाकर 7 कंपनी बना दी गई हैं। सभी फैक्ट्रियों के बाहर कंपनी के नए नाम के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। 7 कंपनियों में से 4 कंपनियों के हेड ऑफिस कानपुर में बनाए गए हैं। इनमें सीएमडी की नियुक्ति भी कर दी गई है।
संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन
शुक्रवार दोपहर को लंच टाइम में एआईडीएफ (ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाई फेडरेशन), बीपीएमएस (भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ) और इंटक के बैनर तले संयुक्त मोर्चा ने प्रदर्शन किया। एआईडीएफ के संगठन मंत्री छविलाल ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की फैक्ट्रियों से अशोक की लाट तक हटा दी गई है। ये अशोक की लाट का अपमान है। बीपीएमएस के राष्ट्रीय सचिव मुकेश सिंह ने बताया कि निगमीकरण का विरोध लगातार जारी रहेगा। काला दिवस के रूप में हर साल इस दिन को मनाया जाएगा।
कानपुर में इन कंपनियों के हेड क्वार्टर
8 आयुध निर्माणियों को शामिल करके बनाई गई कंपनी का नया नाम एडवांस वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड रखा गया है। इसमें ओएफसी,फील्डगन और एसएएफ समेत 5 अन्य आयुध निर्माणी शामिल हैं।
चार आयुध निर्माणियों को शामिल करके बनाई गई कंपनी का नया नाम ट्रुप एंड कम्फर्ट लिमिटेड रखा गया है। इसमें शहर की सबसे पुरानी कंपनी ओईएफ भी शामिल है। तीनों कंपनियों के मुख्यालय शहर में हैं।
आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) का नया नाम ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड रखा गया है।
