घर-घर विधि.विधान के साथ भक्तों ने गजानन को पूजा,मूर्ति विसर्जन के लिए स्थान चिन्हित
कानपुर।
शुक्रवार को भगवान श्रीगणेश की स्थापना के साथ ही गणेश महोत्सव की शुरुआत हो गई है। कानपुर में गणेश मंदिर के साथ ही घर-घर विधि.विधान के साथ भक्तों ने अपने ईष्ट को स्थापित किया है। अगले 9 दिनों तक पूरे श्रद्धाभाव से लोग परिवार के सदस्य की तरह पूजेंगे। 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन का आयोजन होगा।
नगर निगम तैयार करेगा कृत्रिम तालाब
मूर्तियों में लगे हानिकारक रंगों और प्लास्टर ऑफ पेरिस से जलीय जंतुओं के साथ नदियों को ईको सिस्टम प्रभावित होता है। इसको बचाने के लिए हर साल की तरह इस साल भी एनजीटी के आदेश पर शहर में 9 स्थानों पर मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। भक्त इन तालाबों में ही मूर्ति विसर्जन कर सकेंगे।
कोविड की वजह से इस बार कानपुर में बड़े अयोजन नहीं हो रहे हैं। लेकिन गली.मोहल्लों में छोटे-छोटे आयोजन हजारों की संख्या में हो रहे हैं। ये सभी मूर्ति विसर्जन के लिए अपने पास के घाटों का रुख करेंगे। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सदस्य सचिव अजय कुमार शर्मा ने डीएम को मूर्ति विसर्जन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। साफ कहा गया है कि नदियों और नहरों का जल प्रदूषित नहीं होना चाहिए।
मूर्तियों में लगे हानिकारक रंगों और प्लास्टर ऑफ पेरिस से जलीय जंतुओं के साथ नदियों को ईको सिस्टम प्रभावित होता है। इसको बचाने के लिए हर साल की तरह इस साल भी एनजीटी के आदेश पर शहर में 9 स्थानों पर मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। भक्त इन तालाबों में ही मूर्ति विसर्जन कर सकेंगे।
कोविड की वजह से इस बार कानपुर में बड़े अयोजन नहीं हो रहे हैं। लेकिन गली.मोहल्लों में छोटे-छोटे आयोजन हजारों की संख्या में हो रहे हैं। ये सभी मूर्ति विसर्जन के लिए अपने पास के घाटों का रुख करेंगे। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सदस्य सचिव अजय कुमार शर्मा ने डीएम को मूर्ति विसर्जन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। साफ कहा गया है कि नदियों और नहरों का जल प्रदूषित नहीं होना चाहिए।
