प्रदेश में कम हुआ कोरोना संक्रमण, 32,465 एक्टिव केस,70 प्रतिशत गांवों में एक भी मामला नहीं

लखनऊ
प्रदेश में कोरोना संक्रमण  की रोकथाम में सफलता मिल रही है।पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी तथा रिकवरी दर में निरंतर वृद्धि से राज्य में कोविड संक्रमण के मामलों में आशानुकूल तेजी से कमी आयी है।यूपी के अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने मंगललार को बताया कि 3 लाख 23 हजार 795 टेस्ट किए गए हैं, जिससे केस को प्रथम चरण पर चिन्हित करके आइसोलेट किया जा सके।अब तक कुल 4 करोड़ 97 लाख 33 हजार टेस्ट हो चुके हैं। प्रसाद के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सिर्फ 1430 पॉजिटिव केस मिले। अब रिकवरी रेट भी 96.9 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पॉजिटिविटी रेट 0.5% दर्ज़ की गई।जबकि आरटीपीसीआर की पॉजिटिविटी रेट – 0.8% है. कोविड के शुरू से लेकर अब तक प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 3.4% रही है. वहीं सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 32,465 रह गई है।अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य बताते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले बच्चों के लिए यूपी सरकार की ओर से विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। आज से यूपी के वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उन अभिभावकों के लिए अलग व्यवस्था होगी, जिनके बच्चे 12 साल से कम उम्र के हैं। उन्होंने बताया कि हर जनपद में कम से कम 2 ऐसे केंद्र बनाए गए हैं जहां ऐसे लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है।एसीएस हेल्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक प्रदेश में 1,48,51,890 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 34,80,426 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है. कुल मिलाकर 1,83,32,316 डोज दी जा चुकी है।उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना टीकारण को लेकर ‘मिशन जून’ अभियान शुरू कर रही है। इसके तहत आज से बड़े पैमाने पर टीकारण शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत 30 दिन में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोविड-19 का टीका लगाने का टारगेट रखा गया है। इस अभियान में वाहन चालकों, विक्रेताओं और रिक्शा चालकों के टीकारण पर विषेष ध्यान रखा जाएगा। हर सप्ताह में रविवार को आने वाले हफ्ते के लिए स्लॉट्स खोलते हैं, जो माताएं स्तनपान करवाती हैं वो बिना किसी हिचक के वैक्सीन लगवा सकती हैं।अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि एक दिन में 1300 से ऊपर केस आए हैं, लगभग 2 महीने बाद हमने ये आंकड़ा पाया है. उन्होंने बताया कि लगभग 70 प्रतिशत गांव ऐसे हैं जहां पर एक भी संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। वहीं कोरोना के तीसरी लहर की भी तैयारी चल रही है।मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए 100 आईसीयू बेड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। हर जिले में 20-20 बच्चों के लिए आईसीयू बेड बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान गरीबों को खाने की कमी ना हो, इसके लिए प्रदेश में 565 कम्यूनिटी किचन बनाए गए हैं।

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