शिवरात्रि पर भोले का जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
रुड़की
श्रावण मास की शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। सुबह से ही शिवभक्त मंदिरों में पहुंचने लगे थे। शनिवार को भी जलाभिषेक का मुर्हूत है। गुरुपूर्णिमा से कांवड़ शुरू हुआ था। इस बार भी कोविड के कारण कांवड़ मेला स्थगित कर दिया गया। पर, श्रावण शिवरात्रि पर शुक्रवार को शिवालयों में सुबह से ही शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। योतिषाचार्यों के अनुसार शाम करीब साढ़े छह बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू हुई और इसी समय से जलाभिषेक शुरू किया जाना है। पर रुड़की के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालु जुटने शुरू हो गए थे। आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि शनिवार को शाम सात बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। भक्तों ने व्रत रखने के साथ पूजन किया। सिविल लाइंस स्थित शिवमंदिर में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। दूध, जल और बेलपत्र अर्पित किया गया। रामनगर स्थित शिवमंदिर, रेलवे स्टेशन के पास स्थित शिव मंदिर में भी श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक मान्यता है कि साल भर में बारह शिवरात्रि पड़ती हैं। इसमें से फाल्गुन मास में पडऩे वाली महाशिवरात्रि और श्रावण शिवरात्रि का विशेष महत्व है।
