ऋषिकेश में बस ऑपरेटरों का सांकेतिक चक्का जाम

ऋषिकेश

पर्वतीय रूटों पर रोडवेज की अनुबंधित बसों को चलाने पर उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ भड़क गया है। इंद्रमणि बडोनी चौक पर महासंघ के सदस्यों ने रोडवेज की अनुबंधित बसों का संचालन बंद करने की मांग करते हुए सांकेतिक चक्का जाम किया। प्रदर्शन करते से बस ऑपरेटरों ने शीघ्र संचालन नहीं रुकने पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी दी। शनिवार को बस ऑपरेटर्स महासंघ के बैनर तले सुबह करीब 11 बजे गढ़वाल-कुमाऊं की निजी परिवहन कंपनियों के सदस्य इंद्रमणि बड़ोनी चौक पर पहुंचे। मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने जोरदार नारेबाजी की। चक्का जाम के चलते देहरादून, हरिद्वार और टिहरी आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम लगते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार पीडी जोशी ने महासंघ के सदस्यों से वार्ता की। इसमें टीजीएमओसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि निजी परिवहन कंपनियां 1943 से पर्वतीय रूटों पर बसें चला रही हैं। 1962 में पहाड़ी मार्गों पर परिवहन विभाग को घाटा होने के चलते वह इन मार्गों पर सेवा बंद कर चुका है, इसके बाद से निजी परिवहन कंपनियां ही पहाड़ में लोगों को आवागमन के लिए बस सेवाएं दे रही हैं।
यातायात संघ के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने कहा कि पहाड़ में लाभ वाले मार्गों पर एकाएक रोडवेज ने कुछ बसें अनुबंधित कर संचालन शुरू कर दिया है, इससे बसों पर निर्भर परिवहन व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने इसे मनमानी बताते हुए रोडवेज बसों का संचालन अतिशीघ्र पहाड़ी रूटों पर बंद करने की मांग उठाई। इस बारे में एक ज्ञापन भी नायब तहसीलदार पीडी जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।

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