कांग्रेस ने राम मंदिर का निमंत्रण ठुकराया तो बोले हरदीप पुरी, बयानबाजी में फंसे हुए हैं, पछतावा होगा

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी को राम मंदिर के 22 जनवरी के अभिषेक समारोह में शामिल नहीं होने के अपने फैसले पर पछतावा होगा, सोनिया गांधी द्वारा भव्य अयोध्या कार्यक्रम के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर पार्टी की पहली प्रतिक्रिया में। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर अपनी ”बयानबाजी” में फंसने का भी आरोप लगाया। पुरी ने कहा कि वे अपनी बयानबाजी में फंसे हुए हैं…उन्हें गंभीरता से क्यों लें? अगर वे नहीं जाएंगे तो उन्हें पछतावा होगा। भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का फैसला आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि उन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया है।

कांग्रेस ने पिछले कुछ दशकों में अयोध्या में मंदिर के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में देरी की। इसलिए, कांग्रेस पार्टी आधिकारिक तौर पर कह रही है कि वह राम मंदिर निर्माण में शामिल नहीं होगी। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने फैसले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से कांग्रेस का इनकार उनकी पार्टी का रुख है और यह ठीक है, लेकिन यह कहना कि यह भाजपा का कार्यक्रम है, अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मैं उनके बयान की निंदा करता हूं।

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल नहीं होंगे, क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का आयोजन है तथा ‘अर्द्धनिर्मित मंदिर’ का उद्घाटन चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में यह भी कहा कि भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं तथा धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक ‘राजनीतिक परियोजना’ बना दिया है।

 

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