शी जिनपिंग चला रहे शुद्धिकरण अभियान
बीजिंग –
चीन में आम तौर पर लोग मानते हैं कि सत्ता के शिखर पर बैठे लोगों का जनता से कोई सरोकार नहीं है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सोच को बदलना चाहते हैं। इसके लिए वो माओ जैसी सुधार मुहिम चला रहे हैं। जिनपिंग वरिष्ठ अधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि चीनी राजनीति की गंदी दुनिया को साफ कर उसका शुद्धिकरण किया जाए। ये काम आसान नहीं है। लगभग हर हफ्ते नए घपले सामने आ रहे हैं, जिनसे सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी और आम लोगों के बीच खाई बढ़ती जा रही है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग का कार्यकाल 2023 में खत्म हो रहा है। वह 8 साल से सत्ता में हैं। ऐसे में उन्होंने सत्ता पर पकड़ बनाए रखने के लिए शुद्धिकरण अभियान छेड़ दिया है। 27 फरवरी को कम्युनिस्ट पार्टी ने ऐलान किया कि वह बहुप्रतीक्षित शुद्धिकरण अभियान छेड़ेगी। इसमें कम्युनिस्ट पार्टी और शीर्ष नेता शी जिनपिंग के प्रति वफादारी नहीं रखने वाले लोगों की पहचान की जाएगी। साथ ही सरकार नियंत्रित मीडिया ने इसे 1990 के बाद घरेलू सिक्योरिटी सिस्टम में चलाया जाने वाला सबसे बड़ा अभियान बताया है। इसके जरिये पुलिस, सीक्रेट पुलिस, न्यायपालिका और जेलों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये एजेंसियां पूरी तरह वफादार, खरी और विश्वसनीय हैं।
