ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद भी इंटॉर्क श्रमिक असमंजस में
रुद्रपुर। लंबे समय से आंदोलित इंटार्क श्रमिकों ने प्रबंधन के आदेश के बाद कंपनी में ज्वाइन तो कर लिया है, लेकिन सभी आंदोलित श्रमिक असमंजस की स्थिति में हैं। इसका कारण यह है कि करीब 48 घंटे अब तक ड्यूटी करने के बाद भी कंपनी प्रबंधन ने श्रमिकों के साथ बैठकर वार्ता तक नहीं की है। श्रमिक चाहते हैं, प्रबंधन वार्ता करे और उनकी मांगों को पूरा करे। इंटार्क श्रमिकों का कहना है कि 16 मार्च 2022 को कंपनी ने पंतनगर करीब 450 श्रमिकों की गेटबंदी कर कंपनी में गैर कानून तरीके से तालाबंदी कर थी। इसके बाद श्रमिकों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। इसमें उनके परिजन भी शामिल रहे। श्रमिकों का कहना है कि पूर्व में शासन ने भी कंपनी की गेटबंदी को गैरकानूनी बताया था। बावजूद कंपनी प्रबंधन ने गेटबंदी नहीं खोली। श्रमिकों के कहा कि वर्ष 2018 से श्रमिकों के बोनस, कैंटीन की सुविधा और बस की सुविधा भी बंद कर दी गयी थी। इन वर्षों में उनका कोई वेतन भी नहीं बढ़ाया गया। अभी भी उनका चार माह का वेतन रूका हुआ है। अब प्रबंधन ने गेटबंदी तो खोल दी है, लेकिन अभी तक श्रमिकों से उनकी मांगों को लेकर कोई चर्चा नहीं की है।
विगत दिवस कंपनी प्रबंधन ने गेटबंदी खोल दी है। इसके साथ ही सभी 450 श्रमिक काम पर लौट आये हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने अभी तक श्रमिकों की मांगों को लेकर कोई चर्चा नहीं की है। श्रमिक चाहते हैं उनकी मांगों पर बैठकर चर्चा होनी चाहिए। -दलजीत सिंह, अध्यक्ष, इंटरार्क मजदूर संगठन सिडकुल पंतनगर
