बीडीसी बैठक में छाए रहे बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल के मुद्दे

विकासनगर। क्षेत्र पंचायत चकराता की बैठक में बाल विकास और लोक निर्माण विभाग से संबंधित मुद्दे छाए रहे। बैठक में एडीबी और एनएच खंड के अधिकारियों के मौजूद न रहने पर समस्त सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त किया।जनप्रतिनिधियों ने कई विभाग के सक्षम अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जमकर हंगामा काटा। क्षेत्र पंचायत चकराता की बैठक कैंट इंटर कालेज चकराता के सभागार में सोमवार को ब्लाक प्रमुख निधि राणा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायती राज अधिकारी एमएम खान ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण करना है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चलाई जा रही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों का दायित्व है कि वह सरकारी योजनाओं को हर ग्राम वासी तक पहुंचाएं। बैठक में एडीबी और एनएच खंड के अधिकारियों के मौजूद न रहने पर समस्त सदस्यों ने रोष प्रकट किया। नदारद अधिकारियों का वेतन रोकने के लिए सदन के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत भेजी। सभी सछसयों ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में जिम्मेदार अधिकारी ही बैठक में आएं। विभागीय अधिकारियों की यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधि विक्रम पंवार, महेंद्र सिंह, सौरभ राणा ने आरोप लगाया कि आज तक हुई बैठकों में की गयी शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ है, जो निर्वाचित सदन की अवमानना है। वहीं सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुक्ड फूड नहीं दिया जा रहा है। साथ ही टेक होम राशन समय पर नही बंटता है। अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव से बाहर शहरों में रहती हैं, जबकि केंद्र सहायिकाओं के भरोसे संचालित हो रहे हैं। कहीं कहीं तो केंद्रों पर ताले लटके रहते हैं। आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कई जगह फर्जी दाखिले कर राशन की बंदरबाट की जा रही है। सीडीपीओ अंजू बडोला ने इस पर सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिलाकर सदस्यों को शांत किया। सदस्यों ने कहा कि हर घर जल हर घर नल योजनाओं में अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। काम की गुणवत्ता अत्यंत खराब है, टेढ़े पाइप जोड़े जा रहे हैं। साथ ही कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत में समितियों का गठन नहीं किया गया है। इसके साथ ही जल संस्थान द्वारा पानी को टेस्ट करने के लिए फील्ड टेस्टिंग किट ग्राम सभाओं में न भेजने पर प्रधानों ने जमकर हंगामा काटा। जिस पर डीपीआरओ एमएम खान ने एक सप्ताह में सभी ग्राम सभाओं को किट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। पशुपालन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों से दवा और जानवरों के इलाज के लिए पशुपालकों से वसूली का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की गई। पशु चिकित्सा अधिकारी चकराता डा. पूर्णिमा बनोला ने जांच का आश्वासन दिया। कृषि विभाग द्वारा समय से बीज उपलब्ध न कराने व कीटनाशक की गुणवत्ता अत्यंत खराब होने की शिकायत की। ब्लाक प्रमुख निधि राणा ने कहा कि कथियान स्थित इंटर कालेज की हालत अत्यंत खराब है। दो-दो कक्षाओं के बच्चे एक जगह बैठ पढ़ रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारी ने मामला शासन को भेजने की बात कही। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह ने कहा कि बायला में टीचर बारी बारी से स्कूल आते हैं। साथ ही उन्होंने आसोइ स्थित विद्यालय भवन को बनाये जाने और कोल्हा में प्राइमरी स्कूल के खराब शौचालय को ठीक करवाने की मांग की।
बैठक का संचालन सहायक खंड विकास अधिकारी डीपी चमोली ने किया। बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख विजय पाल सिंह, कनिष्ठ प्रमुख शमशेर सिंह, बीडीओ रजनी घिल्डियाल, बीडीसी आशा देवी, प्रेमा पवार, कमो, ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, एसडीओ ऊर्जा निगम अशोक कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी चकराता डा. विपिन तोमर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ पूर्णिमा बनोला, खंड शिक्षाधिकारी पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।

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