आजीविका एंव पलायन जैसे मुद्दों पर संवाद स्थापित करना जरूरी:पाठक
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड सदभावना यात्रा समिति, उत्तराखंड सर्वोदय मंडल एवं राजीव गांधी फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से उत्तराखंड सदभावना यात्रा बुधवार को श्रीनगर पहुंची। इस मौके पर यहां आयोजित कार्यक्रम में सदभावना यात्रा संयोजक भुवन पाठक ने कहा कि ऐतिहासिक कुली बेगार आंदोलन के 100वें वर्ष एवं देश की आजादी के 75वें वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक,लोकतांत्रिक संगठन, जनांदोलन समूह, नागरिक संगठन एवं बौद्धिक संस्थाएं एक प्रदेशव्यापी यात्रा का आयोजन कर रहे हैं। कहा यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड की जनता के साथ पर्यावरणीय, लोकतांत्रिक मूल्यो, सामाजिक सदभाव एवं सौहार्द, आजीविका व पलायन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष इस्लाम हुसैन ने कहा कि पूरा पहाड़ इस समय पॉलीथिन प्लॉस्टिक के ढेर में पट गया है। गांव के रास्ते, नाले, गधेरे, खेतों में कई प्रकार के प्लॉस्टिक दिखाई दे रहे हैं। केदारनाथ जैसे दुर्गम तीर्थों तक भी कूड़ा-कचरा पहुंच गया है। जिसके प्रति प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात में भी चिंता व्यक्त की। चिपको आंदोलनकारी साहेब सिंह सजवाण ने कहा के उत्तराखंड में राजनीतिक लाभ के लिए लोगों के बीच आपसी वैमनस्य फैलाया जा रहा है। पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी एवं राज्य आंदोलनकारी अनिल स्वामी ने सभी संगठनों को एक जुट होकर प्रदेश के ज्वलंत मुद्दो को लेकर साथ आने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डा. अरविंद दरमोड़ा, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के गढ़वाल प्रमुख जगमोहन कठैत, समीर रतूड़ी, गंगा असनोड़ा, शिवानी पांडेय, कुशलानाथ, उम्मेद सिंह मेहरा, डा. प्रदीप अंथवाल, रीता इस्लाम,गोपाल राम, सुंदर सेवालिया, जीत सिंह, नरेंद्र कुमार, प्रयाग भट्ट, रजनीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
