फर्जी तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर नामांकन करने का आरोप

हरिद्वार। हरिद्वार जिला पंचायत चुनाव में नगला कुबड़ा ग्राम सीट से प्रत्याशी बिमला देवी पर फर्जी तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर नामांकन करने के आरोप लगे हैं। विश्व दलित परिषद और श्रीराम दल उत्तराखंड ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बिमला देवी पर फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आरक्षण का लाभ लेने का आरोप लगाए हैं। दोनों संगठनों ने नामांकन रद्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बिमला देवी पिछले कार्यकाल में भी जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। शनिवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नागल कुबड़ा ग्राम के मोहम्मद अनीस पुत्र मोहम्मद हनीफ की पहली पत्नी बिलकीस जहां है और मोहम्मद अनीस ने बिमला देवी जो अनुसूचित जाति (शिल्पकार) से धर्म परिवर्तन कर दूसरा निकाह कर रखा है। मोहम्मद अनीस ने अपनी पत्नी बिमला देवी उर्फ आयशा परवीन को अपनी परिवार रजिस्ट्री की नकल में निकाह के तहत पत्नी दर्शाया है। मुस्लिम व्यक्ति से शादी होने और धर्म परिवर्तन के बाद बिमला देवी आरक्षण अनुसूचित जाति का लाभ नहीं ले सकती है। आरोप है कि बिमला देवी ने फर्जी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर जिला पंचायत चुनाव लड़ चुकी है। आरोप है कि वर्तमान में भी फर्जी प्रमाण के आधार पर विमला देवी ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।
उधर बिमला देवी का कहना है कि धर्म परिर्वतन नहीं किया है। पूर्व में भी कई जांच हो चुकी है। सभी आरोप निराधार है। परेशान करने के लिए बार बार इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। आगे भी जांच के लिए तैयार हूं। प्रेस वार्ता के दौरान बाबा हठयोगी, भूपेंद्र पाल सिंह, स्वतंत्र सैनी, नाथी राम सैनी, राकेश कुमार, लोकेश कश्यप, अनूप पाल, संदीप चनलिया आदि मौजूद रहे।

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