नियम विरुद्ध स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए जवाब मांगा

नैनीताल। हाईकोर्ट में बुधवार को माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत स्थानांतरण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड रामकृष्ण उनियाल कोर्ट में पेश हुए। स्थानांतरण न किए जाने के आदेश के बावजूद तबादला किए जाने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। एडी ने कोर्ट को बताया कि संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए विभाग से तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ में हुई।
मामले के अनुसार नैनीताल के एक मॉडल स्कूल में कार्यरत प्रवक्ता योगेश जोशी का स्थानांतरण कोर्ट के आदेश के बावजूद दुर्गम क्षेत्र मुक्तेश्वर में कर दिया गया। इस आदेश को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि उनके द्वारा पूर्व में 10 वर्ष की सेवा दुर्गम में की जा चुकी है। यह भी बताया कि उन्होंने मॉडल स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके आधार पर उनका गैर मॉडल स्कूल में स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है। इस पर पूर्व में कोर्ट ने याचिकाकर्ता का स्थानांतरण नहीं करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी प्रधानाचार्य द्वारा उनका स्थानांतरण कर दिया गया। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए विभाग से जवाब मांगा है।

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