सात साल बाद जूते-चप्पल पहनेगा जीता हुआ प्रत्याशी
भोपाल,
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते विक्रम भालेश्वर सात साल बाद जूते-चप्पल पहनेंगे। दरअसल, चुनाव जीत चुके भालेश्वर ने पिछला चुनाव हारने के बाद एक कसम खाई थी। उन्होंने कहा था कि वह जब तक चुनाव नहीं जीतेंगे तब तक वह जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। लेकिन अब वह चुनाव जीत चुके हैं और पूरे सात साल बाद जूते-चप्पल पहनेंगे। भोपाल के रहने वाले जिला पंचायत वार्ड क्रमांक आठ से जनपद सदस्य चुने गए विक्रम भालेश्वर तीन हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीते हैं। चुनाव के दौरान विक्रम ने नंगे पैर गांव-गांव जाकर प्रचार किया था। विक्रम भालेश्वर ने करीब 132 गांवों में पैदल चलकर भी वो बिना जूते-चप्पलों के वोट मांगे थे। विक्रम अब चुनाव जीतने के बाद जनता का धन्यवाद करने जाएंगे इसके बाद ही वह जूते-चप्पल पहनेंगे। बता दें कि विक्रम भालेश्वर ने एमए तक पढ़ाई की है। वह पेशे से किसान हैं। उन्होंने 2010 के पंचायत चुनाव का चुनाव लड़ा था। लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद उन्होंने मंडी समिति का भी चुनाव लड़ा, यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2015 के जिला पंचायत का चुनाव लड़ा लेकिन 62 वोडों से फिर चुनाव हार गए थे तभी उन्होंने चुनाव जीतने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने की कसम खा ली थी। भोपाल के वार्ड नंबर आठ के भमोरा रून्हा से जनपद सदस्य का चुनाव जीत चुके विक्रम भालेश्वर का कहना है थ्क वह पहले घर-घर जाकर लोगों का धन्यवाद देंगे। इसके बाद वह करीब आठ साल बाद जूते-चप्पल पहनेंगे। इसके बाद वह गांव के विकास कार्यों में जुट जाएंगे। भालेश्वर का कहना है कि वह गांव में पीने का पानी, बिजली की व्यवस्था और गांवों की सडक़ों को दुरुस्त कराने पर सबसे पहले ध्यान देंगे।
