शादी जीवन का एक अहम पहल है और इसे देखते हुए जमानत दी : हाईकोर्ट

 

इंदौर,

मप्र हाई कोर्ट ने विवाह को लेकर अहम टिप्पणी की कि शादी जीवन का अहम पल, एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। चूंकि जेल में रहते आरोपी की शादी एक बार टल गई है। इसलिए आरोपी को जमानत दी जाती है। कोर्ट से जमानत मिलने पर 17 जुलाई को आरोपी विवाह बंधन में बंध जाएगा। मामला यह है कि अवैध शराब तस्करी के आरोपी विनोद सहित चार आरोपियों को मार्च 2022 में नलखेड़ा (आष्टा) पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस की टीम ने नलखेड़ा रोड पर आरोपियों से दो हजार लीटर अवैध बीयर जब्त की थी। इनमें तीन लोगों की जमानत पूर्व में हो गई थी लेकिन आरोपी विनोद की जमानत नहीं होने से वह तभी से जेल में था। उसकी शादी मई माह में होना थी किंतु जेल में रहने के कारण टल गई। पुन: जुलाई माह में शादी नियत थी। आरोपी विनोद की ओर से एडवोकेट मनीष यादव एवं अदिति यादव ने हाई कोर्ट में जमानत आवेदन दायर कर तर्क रखे कि पुलिस ने निदोष व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाकर गिरफ्तार किया है। उसका शराब कारोबार से कोई संबंध नहीं है। जेल में रहते आरोपी की शादी एक बार टल चुकी है। जुलाई में फिर शादी का मुहूर्त निकला है। जमानत नहीं होने से दोबारा शादी टल जाएगी जिससे लडक़ी के भविष्य पर प्रभाव पड़ सकता है। सुनवाई करते हुए प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार वर्मा की एकल पीठ ने एडवोकेट मनीष यादव के तर्कों से सहमत होकर इस टिप्पणी के साथ जमानत स्वीकार की कि आरोपी की शादी तय हुई है। शादी जीवन का सबसे अहम पल होता है। इसी के मद्देनजर आरोपी की जमानत का लाभ दिया जाता है।

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