सरकारी स्कूलों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं
देहरादून। सरकारी स्कूलों की आग से सुरक्षा भगवान भरोसे है। स्कूलों में अग्निशमन उपकरण तो दूर पर्याप्त पानी तक नहीं है। ऐसे में अगर कहीं आग लग जाए तो बुझाना मुश्किल हो जाएगा। हाल में स्कूल सुरक्षा के लिए विभाग ने रमसा के तहत दो हजार का बजट दिया। इससे कुछ स्कूलों ने आग बुझाने के लिए कुछ बाल्टियां और रेत जरूर खरीदी। जिले में प्राइमरी से इंटर कॉलेज तक करीब दो हजार स्कूल हैं। इनमें लाखों बच्चे पढ़ते हैं। इन स्कूलों में मानकों के अनुरूप आग बुझाने के लिए कोई सुरक्षा उपाय नहीं है। न तो वहां अग्निशमन उपकरण हैं, न ही कोई स्प्रिंकलर या फायर हाइड्रेंट और न ही कोई अन्य उपकरण हैं, जो आग लगने पर काम आएं। ऐसे में बच्चों की जान को खतरा है।
चार पांच साल पहले अग्निशमन उपकरणों की खरीद को कुछ बजट मिला था, तब कुछ उपकरण खरीदे थे। स्कूलों की सुरक्षा रेत और भगवान भरोसे है। मार्च में दो हजार रुपये मिले थे, लेकिन इतने बजट में एक अग्निशमन उपकरण भी नहीं खरीदा जा सकता।
-धर्मेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
मार्च में रमसा के तहत स्कूल सेफ्टी को दो हजार रुपये मिले थे। उससे कई स्कूलों ने बाल्टियां, रेत खरीदी। ताकि, विज्ञान प्रयोगशाला में आग लगे तो बुझाई जा सके। बाकी कोई बजट नहीं मिला। कुछ स्कूलों ने व्यक्तिगत प्रयासों से उपकरण खरीदे।
-रामबाबू विमल, जिलाध्यक्ष, प्रिंसिपल एसोसिएशन
