कोडनाड डकैती-सह-हत्या मामले में शशिकला से पांच घंटे पूछताछ
चेन्नई
तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी वी.के. शशिकला से कोडनाड डकैती-सह-हत्या मामले में गुरुवार को पुलिस की टीम ने उनके आवास पर पांच घंटे तक पूछताछ की। यह मामला 23 अप्रैल 2017 को जयललिता और शशिकला के स्वामित्व वाले 906 एकड़ के कोडनाड एस्टेट में चौकीदार की हत्या और उसके बाद हुई चोरी से संबंधित है। वारदात के समय शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में बेंगलुरू जेल में सजा काट रही थीं।
पुलिस टीम के जाने के बाद, शशिकला ने कहा, ‘मैंने सुबह से सभी सवालों के जवाब दिए हैं। मामले में पूछताछ अभी खत्म नहीं हुई है, और शुक्रवार को भी जारी रहेगी। पूछताछ के बाद मैं विस्तार से बोलूंगी। वहीं पुलिस टीम घटनाक्रम को लेकर चुप्पी साधे रही। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम क्षेत्र के आईजी आर.सुधाकर के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह करीब 11 बजे शशिकला के आवास पर पहुंची थी। घर के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया था। इतना ही नहीं घर को कवर से ढंक भी दिया गया था। जब पुलिस पूछताछ कर रही थी, तब शशिकला के समर्थक उनके घर के सामने जमा हो गए थे। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। टीम ने दोपहर 1.30 बजे ब्रेक लिया और दोपहर 2.30 बजे फिर से लौटी। पूरे पूछताछ की वीडियोग्राफी की गई। टीम ने शाम 5.15 बजे तक पूछताछ पूरी की। इस बात की अटकलें थीं कि नीलगिरी बुलाने के बजाय पुलिस की टीम क्यों आई थी। क्या शशिकला ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था? सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को बंगले से गायब हुए दस्तावेजों और कीमती सामानों के बारे में शशिकला से सवाल किए गए थे।
23 अप्रैल, 2017 को 11 लोगों के गिरोह ने सेंध लगाकर एक गार्ड ओम बहादुर की हत्या कर दी थी, जबकि एक अन्य गार्ड कृष्ण थापा पर हमला किया गया। कथित गिरोह के नेता कनगराज ने एक अन्य आरोपी सायन को आश्वस्त किया था कि 200 करोड़ रुपये एस्टेट बंगले में रखे गए थे, लेकिन चोरों को केवल 10 घड़ियां और 42,000 रुपये के गैंडे की क्रिस्टल प्रतिकृति ही मिली। डकैती के पांच दिन बाद अत्तूर में सलेम-चेन्नई हाईवे पर सड़क हादसे में कनगराज की मौत हो गई। केरल का सायन भी उसी दिन एक दुर्घटना में घायल हो गया, जबकि उसकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई। सायन इस मामले में दूसरा आरोपी था। 3 जुलाई, 2017 को कोडनाड एस्टेट के कंप्यूटर ऑपरेटर दिनेश कुमार अपने घर में मृत पाए गए थे। पुलिस ने सितंबर 2017 में 11 लोगों के खिलाफ 300 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में शशिकला के भतीजे विवेक जयरामन और अन्नाद्रमुक के पूर्व विधायक वी सी अरुकुट्टी सहित कई लोगों से पूछताछ की गई। तीन आरोपियों ने निचली अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी, शशिकला, उनके रिश्तेदारों जे इलावरसी और वीएन सुधाकरन, नीलगिरी के पूर्व कलेक्टर पी शंकर, नीलगिरी के पूर्व एसपी मुरली रंभा, अन्नाद्रमुक के राज्य आयोजक सजीवन और एस्टेट के प्रबंधक को तलब करने और उनसे पूछताछ करने का अनुरोध किया गया था।
