गुड फ्राइडे पर दून और मसूरी के गिरजाघरों में प्रार्थना
देहरादून। देहरादून और मसूरी में शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर ईसाई समुदाय के लोगों ने विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। प्रभु यीशु मसीह के जीवन के बारे में बताया। मसूरी के मैथोडिस्ट चर्च में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पास्टर विवेक चंद ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह हमारे पापों की क्षमा के लिए सूली पर चढ़े। उन्हें बहुत यातनाएं दी गई। निर्मला और शिफाली चंद ने बताया कि गुड फ्राइडे का ईसाई समुदाय में बहुत महत्व है। देहरादून के नेशविला रोड स्थित सेंअल मैथोडिस्ट चर्च में पाटरी दिनेश प्रसाद, अमित सेमुअल ने प्रार्थना संपन्न कराई। राजपुर रोड स्थित मिशन मैमोरियल चर्चा में पादरी एजे सिंह, दिलाराम बाजार स्थित सेंट थॉमस चर्च में पादरी अश्विन पोल्मेर, परेड ग्राउंड स्थित सेंट फ्रेंसिस चर्च में फादर फॉस्टिन पिंटो ने ग्रुड फ्राइड की प्रार्थना कराई। सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च के पादरी समिति के सदस्य राहुल दयाल ने बताया कि ईसाई धर्म ग्रंथों के अनुसार जिस दिन ईसा मसीह ने प्राण त्यागे थे, उस दिन शुक्रवार था। इसी की याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है, लेकिन अपनी मौत के तीन दिन बाद ईसा मसीह पुन: जीवित हो उठे थे। ईसाई समाज में गुड फ्राइडे का खास स्थान है। इस दिन ईसा ने सलीब पर अपने प्राण त्यागे थे। निर्दोष होने के बावजूद जब उन्हें सलीब पर लटका कर मारने का दंड दिया गया तो उन्होंने सजा देने वालों को उलाहना नहीं दी, वरन् प्रार्थना करते हुए यह कहा कि ‘हे ईश्वर इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।
