त्रिवेणीघाट की सुंदरता में ग्रहण रेत और मलबे के ढेर
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश की हृदयस्थली त्रिवेणी घाट पर पिछले काफी समय से जगह-जगह रेत के ढेर लगे हैं। यही नहीं घाट पर हुए निर्माण कार्य से निकला मलबा भी यहीं पड़ा है, इससे त्रिवेणी घाट की सुंदरता प्रभावित होने के साथ ही यहां आने वाले गंगा प्रेमियों और श्रद्धालुओं को भी दिक्कत होती है। त्रिवेणी घाट को स्वच्छ और सुंदर बनाने के नगर निगम प्रशासन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। करीब 6 महीने पहले गंगा में आई बाढ़ के साथ आया रेत का मलबा पूरे त्रिवेणी घाट पर बिछ गया था। आरती स्थल और उसके आसपास से रेत का मलबा हटा लिया गया। लेकिन आस्था पथ से पहले, जल पुलिस चौकी के सामने और नाव घाट से रेत का मलबा अभी तक नहीं हट सका है। गंगा में डुबकी लगाकर और जल आचमन के बाद पक्के घाट की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को रेत का सामना करना पड़ता है। लापरवाही का आलम यह है कि त्रिवेणीघाट का सौंदर्यीकरण हुआ। निर्माण कार्य के बाद पत्थर, ईंट के टुकड़ों के रूप में निकला मलबा भी कार्यदायी संस्था यहीं छोड़कर चलती बनी। घाट पर जगह-जगह रेत के ढेर और मलबा त्रिवेणी घाट की सुंदरता को प्रभावित कर रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं को भी असुविधा हो रही है। त्रिवेणी घाट पर रेत के ढेर का मामला संज्ञान में है। तहसील प्रशासन की ओर से इसमें कार्रवाई की जानी है। तहसील प्रशासन से पत्राचार कर रहे हैं।
