बटालियन का गौरवशाली इतिहास याद कर साझा किए अनुभव
देहरादून। पूर्व सैनिक कल्याण समिति की ओर से फर्स्ट बटालियन द फर्स्ट गोरखा का 207वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। सेवलाकलां चंद्रबनी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने बटालियन के गौरवशाली इतिहास को याद कर अपने अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि कर्नल (रिटायर) रविंद्र थापा ने कहा कि फर्स्ट गोरखा राइफल इंफ्रेंट्री रेजिमेंट है। इसमें नेपाली मूल के गोरखा सैनिक भर्ती होते हैं। 1815 में ब्रिटिश सेना ने इसका गठन किया। 1947 में आजादी के बाद यह बटालियन भारतीय सेना का हिस्सा बनी। रेजिमेंट ने द्वितीय विश्व युद्ध में बड़े साहसिक कार्य किए। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भी हिस्सा लिया। जय महाकाली आयो गोर्खाली का युद्ध घोष वाली इस रेजिमेंट ने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ लड़ाई में भी दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब दिया। रेजिमेंट के रणबाकुंरों को विक्टोरिया क्रॉस, एक परमवीर चक्र, सात महावीर चक्र, 16 वीर चक्र, 1 कीर्ति चक्र, 3 शौर्य चक्र समेत कुछ युद्ध एवं सेना मेडल से नवाजा जा चुका है। इस मौके पर विजय बहादुर थापा, ओमकार सिंह थापा, दिगम्बर सिंह, श्याम कुमार थापा, अनूप कुमार, वीर बहादुर थापा, अर्जुन सिंह थापा, श्रीराम खत्री, किशोर बस्नेत, कुल बहादुर थापा, सूर्य कुमार थापा, टीका राम थापा, अनिल कंवर आदि मौजूद रहे।
