कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
उरई
पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा कर भतीजे ने रजिस्टर्ड दान पत्र को चुनौती दे दी। जब पीडि़त को पता चला तो उसने पुलिस से धोखाधड़ी की शिकायत की। लेकिन जब पुलिस ने नहीं सुनी तो पीडि़त ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
थाना सिरसाकलार के ग्राम बिरहरा निवासी रामलखन हाल निवासी चैधरयाना ने पुलिस को बताया कि उनके पिता राम सहाय के नाम मौजा बिरहरा में आराजी नंबर 19 कृषि भूमि है। उन्होंने जीवित रहते इस भूमि का रजिस्टर्ड दान पत्र 3 जनवरी 2017 को उनकी पत्नी, आशाराम व अश्वनी कुमार के नाम कर दिया था। इसके बाद उनके पिता की 12 जनवरी 2017 को मृत्यु हो गई थी। पिता के बाद रजिस्टर्ड दान पत्र के आधार पर उक्त जमीन 3 लोगों के नाम आना थी। दाखिल खारिज के दौरान पिता के सगे भाई जयराम के पुत्र अखिलेश ने उनके पिता का का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें उनकी मृत्यु की तारीख 15 दिसंबर 2016 दर्शायी गई थी। जबकि पिता की मृत्यु 12 जनवरी 2017 को हुई थी। इस प्रमाणपत्र का जब सत्यापन कराया गया तो वह गलत निकला और उसे निरस्त कर दिया गया। भतीजे द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने की शिकायत पीडि़त ने पुलिस से की थी। लेकिन जब पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की तो पीडि़त ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस संदर्भ में कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।
