राजस्व कर्मियों की कलमबंद हड़ताल 13 वें दिन भी जारी रही
विकासनगर। राजस्व कर्मियों की कलमबंद हड़ताल के बारह दिन बीत जाने के बाद शासन प्रशासन के सकारात्मक रुख अख्तियार नहीं करने पर कर्मचारियों में आक्रोश है। सरकार की उपेक्षा से नाराज राजस्व कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कालसी तहसील परिसर में तेरहवें दिन भी राजस्व कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन जारी रख सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जौनसार बावर की तीन तहसीलों त्यूणी, चकराता और कालसी के राजस्व कर्मी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 23 दिसंबर से कलमबंद हड़ताल कर कालसी तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आक्रोशित राजस्व कर्मियों ने सरकार पर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। कहा कि चार सूत्रीय मांगों राजस्व निरीक्षक व रजिस्टार कानूनगो के पदों को एकीकृत नहीं किये जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन व समान संसाधन दिए जाने, सोलहवें बैच के राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण व राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों के पुनर्गठन तथा राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली बनाये जाने, संवर्गीय कार्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ एक जनवरी 2006 से दिए जाने की मांग की है।आक्रोशित राजस्व कर्मियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर सुनवाई करने को तैयार नहीं है। राजस्व कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को उनकी अनदेखी महंगी पड़ेगी। कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राजस्व कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जौनसार बावर में पटवारी चौकियों पर ताले लटक रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक व राजस्व सेवक संघ के अध्यक्ष जयालाल शर्मा, सचिव मोतीलाल जिनाटा, भोपालदास, सरदार सिंह राणा, राजेंद्र लाल, मनोज कुकरेती, श्यामसिंह तोमर, ईश्वरदत्त शर्मा, भीमदत्त जोशी, चतरसिंह चौहान, रोशनलाल शर्मा, देवेंद्र रावत, गुलशन खान, सुखदेव जिनाटा, कमलेश शर्मा, सुरेश जिनाटा, जगतराम शर्मा आदि शामिल रहे।
