शिक्षा देती है जीवन में नई विचारधारा: डॉ. शर्मा

रुड़की।

महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति पदमश्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि आज शिक्षा के बदलते स्वरूप और भारतीय शिक्षा प्रणाली को देखते हुए इस पर गंभीर विचार-विमर्श की जरूरत है। उसके लिए कुछ बुनियादी सवालों से जूझना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो जीवन को एक नई विचारधारा प्रदान करता है। यदि शिक्षा का उद्देश्य सही दिशा में हो तो आज का युवा मात्र सामाजिक रूप से ही नहीं बल्कि वैचारिक रूप से भी स्वतंत्र और देश का भावी कर्णधार बन सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी रुड़की के ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में वह बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन उद्घोष: शिक्षा का नया सवेरा के बैनर तले किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी यतिन्द्रानन्द गिरी महाराज ने कहा कि रुड़की शहर पूर्व समय से ही शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध रहा है। रुड़की में आईआईटी विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां देश विदेश से पढ़ने के लिए बच्चे आते हैं।

खंड शिक्षाधिकारी श्रीकांत पुरोहित ने कहा कि शिक्षक पूरी लगन और मेहनत से अपने सभी दायित्वों का निर्वहन करते हैं। मेयर गौरव गोयल ने वैश्विक महामारी के दौरान शिक्षा के बदलते स्वरूप पर विचार रखे। सतीश शर्मा ने कहा कि सरकारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता एवं समाज भी उतना ही उत्तरदायी है जितना कि शिक्षक का। कार्यक्रम संयोजक संजय वत्स ने बताया कि वैश्विक परिवेश में सरकारी शिक्षा के बदलते स्वरूप को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों से शिक्षकों के आपस मे मिलने से विचारों का आदान प्रदान होता है। इस दौरान सह संयोजक रविराज सैनी, डॉ. रविन्द्र सैनी, डॉ. वीके सिंह, राजीव कुमार शर्मा, आलोक शर्मा, डॉ. रणवीर सिंह, नितिन शर्मा, सुशील कुमार, राहुल सैनी, अनुभव गुप्ता, नाजिम, इनाम, दीपक कुमार, सुमन, दीपा कौशिक, निशु वत्स, मनोज लाकडा आदि मौजूद रहे।

पुस्तकों का विमोचन किया

कविशा वर्मा की पुस्तक वैबी सेबी ड्रीम्स, आकाश गोयल की पुस्तक टू डू लिस्ट सीक्रेट्स, मनस्वी त्यागी की पुस्तक प्रकृति सखी का भी विमोचन किया गया। प्रथम एजुकेशन हरिद्वार इकाई द्वारा लगाई गई टीएलएम प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही। प्रदर्शनी हैड बालक राम राजपूत की टीम को सम्मानित किया गया।

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