राजस्व कर्मियों ने दी 23 दिसंबर से कलमबद्ध हड़ताल की चेतावनी
विकासनगर।
पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ ने राजस्व परिषद पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए 23 दिसंबर से कलम बंद हड़ताल की चेतावनी दी है। कोटी-इच्छाड़ी में हुई संघ की बैठक में आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। संघ ने सीएम समेत अन्य सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को ज्ञापन भी प्रेषित किया। मंगलवार को पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की कोटी-इच्छाड़ी में हुई बैठक में मांगों को लेकर रणनीति तैयार की गई। संघ के जिलाध्यक्ष जयलाल शर्मा ने बताया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ द्वारा अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जो सहमति बनी थी, उस पर आज तक कोई कार्यवाही अमल पर नहीं लाई गई है। इसके चलते संगठन के पदाधिकारी एवं राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक एवं रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों का एकीकरण नहीं किये जाने, समान कार्य समान वेतन, संवर्गीय कार्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान 1 जनवरी 2006 से देने, 16वें बैच के राजस्व निरीक्षकों के प्रशिक्षण एवं राजस्व क्षेत्रों का पुनर्गठन कर उनकी सेवा नियमावली को प्रख्यापित किये जाने की मांग पर मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री ने सहमति दी थी। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सरकार की ओर की गई वादा खिलाफी से आक्रोशित सभी राजस्व कम्रियों ने 23 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है। बताया कि इस आशय का मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और सचिव राजस्व और अध्यक्ष राजस्व परिषद को भेज दिया गया है। इस दौरान श्याम सिंह तोमर, अनिल चौहान, सुरेश जिनाटा, मोतीलाल जिनाटा, सुखदेव जिनाटा, ईश्वरी दत्त, जगत राम, कमलेश शर्मा, भोपाल दास, तिलक राम जोशी, देवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
