राज्य स्थापना दिवस पर कांग्रेस ने राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित
हल्द्वानी।
महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार को स्वराज आश्रम में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एक दर्जन राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस के पास लड़ाई लड़ने को काफी कुछ है। देशभर में लोग महंगाई से त्रस्त हैं। भाजपा की इस मनमानी को कांग्रेस रोक सकती है। पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य निर्माण में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 2002 में एनडी तिवारी सरकार ने सभी को सम्मान देने का काम किया। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। कांग्रेस के लिए इस बार काफी चुनौतियां हैं। इन दो महीनों में काम करना है। भाजपा का चेहरा बेनकाब करना है। ये लड़ाई आसान नहीं होगी। इसके लिए मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। 11 नवम्बर को शंखनाद जनसभा पूरे कुमाऊं को संदेश देगी। जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने कहा कि पांच साल से राज्य आंदोलनकारियों की अनदेखी कर रही भाजपा सरकार को अब उन्हें सम्मानित करने की याद आ रही है। सुमित हृदयेश ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य बनाने में अपना सबकुछ झोंक दिया। 21 सालों में कई विषयों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पहली सरकार ने काफी ऐतिहासिक कार्य किये। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री अहम देन है। लेकिन अब भी कई चुनौतियां हैं। आर्थिक सुधार से ही पलायन रोका जा सकेगा। सुमित ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में राज्य आंदोलनकारियों का मुद्दा भी होना चाहिए। हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि राज्य बनने के बाद राज्य विरोधी ताकतें बढ़ी। मैदान और पहाड़ की खाई पाटनी मुश्किल हो गयी है। कहा कि सरकारी अफसरों का काम केवल पैसा बनाने का रह गया है वे राज्य से कोई सरोकार नहीं रखते। कांग्रेस का एजेंडा गैरसैण को स्थायी राजधानी बनाने का होना चाहिए।
