गिरती सरकार के कारण उप चुनावों को लेकर कुछ ज्यादा चिंतित हैं मुख्यमंत्री

भोपाल।

खंडवा लोकसभा तथा तीन विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बार जितने चिंतित है उतने पहले कभी नहीं देखे गए। अपने जीवन में अनेक चुनाव देख चुके और लड़ चुके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आवश्यकता से अधिक सावधान और सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की चिंता समझी जा सकती है, क्योंकि पार्टी का आलाकमान जिस तरह से भाजपा शासित राज्यों में एक के बा दएक परिवर्तन कर रहा है उससे सत्ता और संगठन के कर्णधार सहमे हुए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा जानते हैं कि यदि चुनाव में अच्छे परिणाम नहीं आए तो इनके नतीजे क्या हो सकते हैं? मुख्यमंत्री खुद तो अतिरिक्त रूप से सक्रिय हैं ही लेकिन उन्होंने अपने मंत्रमंडल के सभी मंत्रियों को चुनाव को लेकर जिम्मेदारियंा दी हैं और कहा है कि उन्हें नतीजे देने होंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री से अपने कैबिनेट के मंत्रियों के बीच साफ साफ शब्दों में चेताया कि उन्हें काम करके दिखाना होगा और संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी करना होगी। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने जिस तरह से कर्नाटक, उत्तराखंड और गुजरात में परिवर्तन किया उससे प्रदेश की समूची भाजपा दहशत में है। सभी पदाधिकारियों को लग रहा है कि यदि सक्रियता नहीं दिखाई और परिणाम नहीं दिए तो यहां भी कुछ भी हो सकता है। पार्टी के नेतृत्व ने दोनों प्रदेश प्रभारियों पी मुरलीधर राव और शिव प्रकाश से कहा है कि वे अपना अधिकांश समय मध्य प्रदेश को दें। यह दोनों प्रभारी भी उपचुनावों को मॉनिअर किए हुए हैं। इधर मुख्यमंत्री की कोशिश है कि उपचुनाव वाले क्षेत्र में अधिक से अधिक दौरे किए जाएं और विकास कार्यों तथा जन कल्याणकारी कार्यों की घोषणा की जाए। मुख्यमंत्री ऐसा कर भी रहे हैं। उन्होंने खंडवा, जोबट, पृथ्वीपुर और रैगांव के दो दो बार दौरे किए हैं। आने वाले दिनों में भी वे लगातार इन क्षेत्रों के दौरे करने वाले हैं। मुख्यमंत्री पूरी तरह से चुनावी मोड पर हैं और अपने भाषणों में कांग्रेस को घेर रहे हैं। वे ओबीसी आरक्षक, आदिवासियों के लिए किए जा रहे कार्य और प्रदेश ने वैक्सीनेशन के मामले में जो बेहतरीन काम किया उसके बारे में जनता को बता रहे हैं। भाजपा इस बार उपचुनाव में हुई गलतियों की ओर से विष्णु दत्त शर्मा, पी मुरलीधर राव और शिव प्रकाश तीनों पदाधिकारी पूरी तरह से चुनाव में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री ने जिस तरह से माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का ऐलान किया है उसे भी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा का आंतरिक आंकलन है कि बुंदेलखंड की पृथ्वीपुर विधानसभा और मालवा निमाड़ की जोबट विधानसभा सीट भाजपा के लिए कठिन चुनौती है यह दोनों सीटें कांग्रेस को दी गई हैं। पृथ्वीपुर में स्वर्गीय बृजेंद सिंह राठौर को भाजपा हरा नहीं पाई और इसी तरह जोबट में भी भाजपा कई बार हारी है। पार्टी इन दोनों सीटों के लिए विशेष रणनीति बना रही है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया को पृथ्वीपुर और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को जोबट की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों ही मंत्री संगठन कुशल और तेजतर्रार हैं।

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