कलाकारों की मदद को अकादमी तत्पर- डॉ. गौतम
लखनऊ।
आने वाले समय में उप्र संगीत नाटक अकादमी का कायाकल्प करने के प्रयास हो रहे हैं और हम यह भी कोशिश करेंगे कि आर्थिक रुप से कमजोर कलाकारों को और अधिक मदद मिले। उप्र संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डा धन्नू लाल गौतम ने तरुण मित्र से एक मुलाकात में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को 2000 रुपए प्रतिमाह की मदद करने के आदेश हो चुके हैं किन्तु अभी भी कलाकारों की शिकायत है कि उन्हें यह मदद प्राप्त नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि कि आज ही उन्होंने संस्कृति विभाग के निदेशक से बात की है और कहा है कि कलाकारों से इस मदद के लिए न्यूनतम 24 हजार वार्षिक आय की जो सीमा तय की गई है उसे बढाया जाए। एक अन्य सवाल के जवाब में डा गौतम ने कहा कि अकादमी का प्लान है कि सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र लखनऊ के अलावा विभिन्न क्षेत्रों की ओर किया जाए ताकि बुंदेलखंड, पूर्वांचल, रुहेलखंड, अवध आदि विभिन्न अंचलों में कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि कोविड के प्रभाव के कारण विगत वर्ष में अकादमी की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है।
अकादमी में बजट के सवाल पर अकादमी उपाध्यक्ष ने कहा कि इस बारे में पर्यटन व संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी से बात कर बजट प्रावधानों को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। अकादमी में आने वाले कलाकारों और आगंतुकों के लिए कैंटीन चालू करने का भी प्रयास किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की पहचान वहां की लोककलाओं और संस्कृति की समृद्धता से होती है और उप्र संगीत नाटक अकादमी इस पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने के हर संभव प्रयास कर रही है।
