पैसे मांगने के आरोप को जेई ने बताया गलत
रुडकी
पेयजल कनेक्शन की लीकेज ठीक करने के बदले कर्मचारियों द्वारा पैसे मांगने के आरोप को जल संस्थान जेई ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कनेक्शन में कोई दिक्कत आने पर अधिकृत ठेकेदार से उसकी मरम्मत कराना उपभोक्ता की जिम्मेदारी है। हरिद्वार रोड पर मिथलेश गुप्ता ने पिछले दिनों पानी के कनेक्शन में लीकेज की शिकायत की थी। शुक्रवार का कुछ लोग इसे ठीक करने आए थे। इस दौरान मिथलेश के परिवार के लोगों ने उन पर मरम्मत के बदले 15 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया था। जेई दीपक भट्ट ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्राइवेट कनेक्शन में लीकेज या दूसरी कोई खराबी आने पर खुद उपभोक्ता ही अपने खर्च पर उसकी मरम्मत कराता है। मरम्मत संस्थान के अधिकृत ठेकेदार से ही कराई जा सकती है। ठेकेदार के कार्यों की दरें भी पहले से तय होती हैं। बताया कि ठेकेदार के मजदूर ही मिथलेश गुप्ता के कनेक्शन की मरम्मत करने गए थे। उन्हें जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई करनी पड़ी थी। उन्होंने उपभोक्ता से अपने कार्य की मजदूरी मांगी थी जबकि उपभोक्ता ने इससे मना कर दिया था। इसके बाद कर्मचारियों को मौके पर जाना पड़ा। कहा कि किसी कर्मचारी ने उपभोक्ता से पैसों की बात नहीं की है। उपभोक्ता के आरोप पूरी तरह गलत हैं।
