आश्वासन के बाद योग प्रशिक्षितों ने वापस लिया विस घेराव का निर्णय

 

रुद्रप्रयाग

अखिल भारतीय योग संगठन उत्तराखंड प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक में योग प्रशिक्षितों ने प्रस्तावित विधानसभा सत्र का विरोध करने का निर्णय वापस ले लिया। यह उन्होंने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रवैया को देखते हुए किया है। कहा कि सरकार द्वारा योग प्रशिक्षितों को रोजगार से जोडऩे का भरोसा दिया गया है। ऑनलाइन बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज रावत ने बताया कि अखिल भारतीय योग संगठन बीते 2008 से लगातार योग प्रशिक्षकों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है।पिछले दिनों अखिल भारतीय योग संगठन उत्तराखंड का शिष्टमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश प्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल से मिल चुका है, मंत्री ने शिष्टमंडल की गंभीरता से योग की अनिवार्यता के साथ ही प्रदेश में अधिक से अधिक वेलनेस केन्द्रों को खोलना और योग प्रशिक्षितों को रोजगार से जोडऩे के लिए आश्वासन दिया है। उसके बाद शिष्टमंडल ने देहरादून में कैबिनेट मंत्रियों से मिलने के बाद सरकार के सकारात्मक रवैया को देखते हुए जल्द ही उत्तराखंड में हजारों योग प्रशिक्षितों को रोजगार से जोडऩे और उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आयुष और पुलिस, विभाग में योग की अनिवार्यता को सुनिश्चित करेगा। बैठक में प्रदेश मीडिया प्रभारी देवकी नंदन बमोला, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकिशोर बिष्ट, प्रदेश संगठन मंत्री अमित बिष्ट, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशीष बर्थवाल, नीरू भंडारी, रेखा रतूड़ी समेत प्रशिक्षित शामिल हुए।

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