स्वयंसेवकों को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव बताए

विकासनगर

वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर के राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के तहत सोमवार को सुभारती अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने सभी स्वयंसेवकों का शारीरिक परीक्षण किया गया। इसके साथ ही स्वयं सेवकों रोगों से बचाव के उपाय बताए। स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए सुभारती अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. राजीव डोगरा ने कहा कि नशा मनुष्य के जीवन को समाप्त कर रहा है, नशा छोड़ने के लिए सबसे जरूरी है कि अपने ध्यान को स्थिर रखें। इस दौरान लोगों से मेलजोल बढ़ाएं ताकि दिमाग में नशे से जुड़े ख्याल ही न आए। इसके साथ ही उन्होंने सुबह के वक्त योगासन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंसान आम तौर पर नशा तब करता है जब वह डिप्रेशन में रहता है, उसे किसी बात का बहुत दुख हो तो उस दुख को भूलने के लिए भी मनुष्य नशा करता है। इसके बाद तनाव से मुक्त होने के लिए भी नशा करता है। ड्रग एडिक्शन या नशे की लत किसी के शरीर को होने वाली ऐसी जरूरत है जिस पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। वरना मनुष्य का जीवन गर्त में चला जाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों का भी चिकित्सकों द्वारा शारीरिक परीक्षण किया गया। जिसमें बाल रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग विशेषज्ञों ने परीक्षण कर दवा वितरित की। इस दौरान कनिष्ठ प्रमुख रितेश असवाल, डॉ. रवि कंसवाल, डॉ. संघमित्र, हरीश शर्मा, विकेंद्र कठैत, बलवंत बोरा, रमेश, नीलम, दीपाली, प्रीति, जयेंद्र, तुषार कपूर, सचिन कुमार, चेतराम आदि मौजूद रहे।

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