आज से  लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत


रुडकी। दीपावली के जश्न के समापन के बाद आज से  लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत होगी। नहाय-खाय के साथ महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान शुरू होगा। व्रती लोगों के घरों में छठ पूजा के पारंपरिक गीत गूंजने लगेंगे। गुरुवार को सुबह से ही लोग छठ पूजा की तैयारियों में लगे रहे। घरों में साफ-सफाई के साथ ही फलों की खरीदारी की गई। सेलाकुई बाजार में सुबह से ही खरीदारी करने वालों की भीड़ लग गई थी। लोगों ने फल, सब्जी के साथ ही पूजा का सामान भी खरीदा।
पुराणों में मिलता है छठ पूजा का वर्णन
पुराणों के अनुसार प्रियव्रत नामक राजा की कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति के लिए महर्षि कश्यप ने पुत्र प्राप्ति यज्ञ करने का परामर्श दिया, राजा को पुत्र तो हुआ लेकिन मरा हुआ। जब अपने मृत पुत्र को दफनाने के लिए राजा गए, तभी आसमान से ज्योतिर्मय विमान धरती पर उतरा। इसमें बैठी देवी ने कहा मैं सभी बालकों की रक्षिका हूं। इतना कहकर देवी ने बच्चे को स्पर्श किया और बच्चा जीवित हो गया। मान्यता है तभी से यह व्रत किया जाता है। सनातन धार्मिक मान्यताओं अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी। इस पर्व को सबसे पहले सूर्य पुत्र कर्ण ने सूर्य की पूजा कर शूरू किया था। माना जाता है कि कर्ण भगवान सूर्य के परम भक्त थे। सूर्य की कृपा से ही कर्ण महान योद्धा बना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *