जड़ी-बूटी कृषिकरण को व्यापक स्तर पर जागरूकता जरूरी: प्रो. नौटियाल
श्रीनगर गढ़वाल। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व भारत रत्न से विभूषित पंडित गोविंद बल्लभ पंत को उनकी जयंती पर याद किया गया। इस मौके पर जीबी पंत संस्थान के गढ़वाल क्षेत्र श्रीनगर ने अपना स्थापना दिवस भी मनाया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र के निदेशक प्रो. एमसी नौटियाल ने हिमालय क्षेत्र में पाई जाने वाले विभिन्न प्रकार के औषधीय पादपों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने औषधीय पादपों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, कृषिकरण, वितरण, परंपरागत ज्ञान एवं उनके संरक्षण व हैप्रक संस्थान द्वारा चमोली जनपद के घेष गांव में औषधीय पादपों के कृषिकरण व ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हेतु विकसित मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रो. नौटियाल ने कहा कि जड़ी-बूटियों के कृषिकरण की जानकारी और ग्रामीणों की आजीविका के लिए किए जाने वाले कार्य केवल बैठकों तक सीमित न रहकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर कृषकों को दुलर्भ जड़ी-बूटी खेती के लिए जागरूक करना होगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रख्यात समाजसेवी अनिल स्वामी ने क्षेत्र में हो रहे पर्यावरणीय समस्याओं के प्रभावों से प्रतिभागियों को अवगत किया। केंद्र प्रमुख डा. चंद्रशेखर ने संस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डा. कुसुम पांडे और धन्यवाद ज्ञापन डा. अरुण ने किया।
