ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता सिंचाई खण्ड थराली को भी दिया पत्र
चमोली
नगर पंचायत थराली के अन्तर्गत सिमलसैंण गांव के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को पत्र भेजा। उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने तहसीलदार थराली प्रदीप नेगी को पत्र दिया। सिमलसैंण गांव के ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड थराली ई.ई. राजकुमार को भी खण्ड कार्यालय थराली में पत्र दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बीते 13 अगस्त तथा 17 अगस्त को भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण 65 से अधिक परिवारों की आबादी वाला सिमलसैंण गांव पूरी तरह से खतरे की जद में आ गया हैं, जिस कारण ग्रामीणों को भयंकर खतरा बना हुआ है। बुसेड़ी पुल के समीप आवास, मकानों और दुकानों को भयंकर खतरा बना हुआ है। यदि भविष्य में इस प्रकार की प्राकृतिक आपदा आती है तो भूस्खलन के कारण कोई बड़ी अनहोनी सिमलसैंण गांव में हो सकती है। इसलिए ग्रामीणों ने मांग की हैं जल्द से जल्द देवीय आपदा मद के तहत थराली बैंड तिराहे से बुसेड़ी पुल के आगे तक प्लम्ब तथा सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए। साथ ही ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बीआरओ द्वारा सड़क चौड़ीकरण के दौरान लापरवाही के कारण और सुरक्षा दीवार न बनाने के कारण ग्रामीणों की कृषि भूमि लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। इसलिए कृषि भूमि की सुरक्षा हेतु भी बीआरओ द्वारा सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए, और जिन लोगों के खेत बीआरओ द्वारा सड़क चौड़ीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें उचित मुआवजा भी दिया जाए। पत्र देने में विशम्बर दत्त, केदार दत्त, हरमा देवी, बीना देवी, कैलाश, कुलदीप, राधा देवी, मनोज, रीना देवी, बबीता देवी, अंकित चन्दोला, गोविन्दी देवी, अनिल चन्दोला, गंगा देवी आदि 60 से अधिक लोग उपस्थित रहे।
